CRIME NEWS : पति ने पत्नी पर डीजल डालकर लगाई आग, आरोपी गिरफ्तार…

मुंगेली, 12 अप्रैल (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां चरित्र शंका के चलते एक पति ने अपनी पत्नी पर डीजल डालकर आग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। यह घटना चिल्फी थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार आरोपी सतीश सोनवानी, जो सेनगुड़ा गांव का निवासी है, ने 16 मार्च की सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला किया।

बताया गया कि आरोपी को पत्नी के चरित्र पर शक था, जिसके चलते उसने घर में रखे डीजल का इस्तेमाल कर उसे आग के हवाले कर दिया और घटना के बाद मौके से फरार हो गया। घटना के बाद गंभीर रूप से झुलसी महिला को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मामला गंभीर पाया गया, जिसके बाद 9 अप्रैल को चिल्फी थाने में अपराध क्रमांक 37/26 के तहत धारा 109 बीएनएस में मामला दर्ज किया गया।

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी। तकनीकी जांच और सूचना तंत्र की मदद से पुलिस टीम ने आरोपी सतीश सोनोनानी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने चरित्र शंका के चलते गुस्से में आकर यह कदम उठाया था। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि यह एक गंभीर अपराध है और इस तरह की घटनाओं को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सभी साक्ष्य और बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाया गया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे भी जांच जारी रहेगी और यह पता लगाया जा रहा है कि घटना से पहले किसी प्रकार का विवाद या मानसिक तनाव की स्थिति थी या नहीं। वहीं पीड़िता की हालत पर भी नजर रखी जा रही है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इस तरह की घटनाओं को गंभीर बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी पारिवारिक विवाद को कानून अपने हाथ में लेकर हिंसा में न बदलें। यह मामला घरेलू हिंसा और आपराधिक प्रवृत्ति का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है, जिसमें एक मामूली शक ने भयावह घटना का रूप ले लिया।