जगदलपुर, 20 जुलाई (वेदांत समाचार ). बारिश शुरू होते ही बस्तर में मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है. सबसे बड़ी चुनौती वे मरीज हैं, जिन्हें खुद भी बीमारी का पता नहीं चलता. विभाग के अनुसार करीब 40 प्रतिशत संक्रमितों में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते. यही कारण है कि संक्रमण चुपचाप एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच रहा है. जनवरी से मई 2026 के बीच जिले में 617 मलेरिया मरीज सामने आए. इनमें 506 मरीज घातक पीएफ और 111 पीवी मलेरिया से संक्रमित पाए गए.
लोहण्डीगुड़ा, बड़ेकिलेपाल और दरभा सबसे संवेदनशील क्षेत्र बने हुए हैं. एक मरीज मिलने पर स्वास्थ्य टीम आसपास के करीब 50 घरों में जांच अभियान चला रही है. 15 जून से 15 जुलाई तक चले विशेष सर्वे में भी 299 नए मरीज मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग मच्छरदानी के नियमित उपयोग और बुखार होने पर तत्काल जांच कराने की अपील कर रहा है. बारिश के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही संक्रमण की बड़ी वजह बन सकती है. इस बार लक्ष्य केवल इलाज नहीं, बल्कि छिपे हुए संक्रमितों की पहचान भी है.

