जगदलपुर, 19 जुलाई (वेदांत समाचार) । बस्तर जिले में राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी नहीं कराना अब भारी पड़ सकता है। निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद जिले के 81,835 राशन कार्ड सदस्यों का ई-केवाईसी सत्यापन अधूरा है। इससे हजारों परिवारों के मुफ्त राशन के लाभ पर संकट मंडराने लगा है।खाद्य विभाग के अनुसार, ई-केवाईसी का उद्देश्य केवल पात्र हितग्राहियों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ पहुंचाना और डुप्लीकेट तथा अपात्र नामों को सूची से हटाना है।
इस प्रक्रिया के लिए जिले की 485 उचित मूल्य दुकानों में आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। विभाग का कहना है कि एक सदस्य की ई-केवाईसी पूरी करने में केवल कुछ मिनट लगते हैं, फिर भी बड़ी संख्या में लोग समय पर सत्यापन नहीं करा सके।विभागीय आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक लंबित मामले बकावंड और बस्तर ग्रामीण क्षेत्र में सामने आए हैं। अब खाद्य विभाग शासन की नई गाइडलाइन और संभावित समय-सीमा बढ़ाने के फैसले का इंतजार कर रहा है।अधिकारियों ने हितग्राहियों से अपील की है कि जैसे ही शासन की ओर से नए निर्देश जारी हों, वे तुरंत अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करा लें। समय रहते सत्यापन नहीं होने पर मुफ्त राशन योजना का लाभ प्रभावित हो सकता है। विभाग ने लोगों से किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।

