50 किलो गांजा तस्करी केस में बड़ा खुलासा: रायपुर पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोचा, सप्लायर-पैडलर नेटवर्क का पर्दाफाश - vedantsamachar.in

50 किलो गांजा तस्करी केस में बड़ा खुलासा: रायपुर पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोचा, सप्लायर-पैडलर नेटवर्क का पर्दाफाश

रायपुर, 18 जुलाई 2026। राजधानी रायपुर में 50 किलोग्राम गांजा तस्करी मामले की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायपुर पुलिस की सिविल लाइन थाना टीम ने मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी गांजा तस्करी के नेटवर्क में सप्लायर और पैडलर के रूप में सक्रिय थे तथा कमीशन के बदले तस्करी का पूरा नेटवर्क संचालित करने में भूमिका निभा रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस के अनुसार, 14 फरवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र के केनाल रोड स्थित दुर्गा मंच के पीछे खाली मैदान में एक चारपहिया वाहन में दो व्यक्ति भारी मात्रा में गांजा लेकर बिक्री के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन में सवार हृषिकेश उर्फ ऋषिकेश उर्फ ऋषि सरोज और हिमांशु दामले को गिरफ्तार किया था।

तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 50 किलोग्राम गांजा और 2 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसके बाद जांच के दौरान फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर राजकिशोर बेहरा उर्फ मिलन और रंजित उर्फ मयूर डिगल को भी गिरफ्तार किया गया था।

पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस लगातार पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही थी। इसी दौरान मामले में मयूर राजेन्द्र देसले और अनुराग सोनी की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसमें गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हुए।

जांच में पता चला कि महाराष्ट्र के जलगांव निवासी मयूर राजेन्द्र देसले ने गांजा की तस्करी के लिए चारपहिया वाहन उपलब्ध कराया था। उसने यह वाहन पहले से गिरफ्तार आरोपियों ऋषिकेश और हिमांशु दामले को अनुराग सोनी के माध्यम से दिया था। इसके बदले वह कमीशन प्राप्त करता था।

वहीं धमतरी निवासी अनुराग सोनी उड़ीसा से गांजा लाने और उसे ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करता था। पुलिस के अनुसार अनुराग, पहले गिरफ्तार किए जा चुके रंजित डिगल और मिलन बेहरा के साथ मिलकर गांजा की सप्लाई करता था तथा हर खेप पर कमीशन लेता था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से एक-एक मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन मोबाइल फोन के जरिए तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र के जलगांव जिले के मयूर राजेन्द्र देसले (30 वर्ष) और धमतरी के विन्ध्यवासिनी वार्ड निवासी अनुराग सोनी (29 वर्ष) शामिल हैं। दोनों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 88/2026 के तहत नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 20(सी) और 29 के तहत कार्रवाई की गई है।

रायपुर पुलिस का कहना है कि गांजा तस्करी के इस नेटवर्क की गहन जांच जारी है और फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।