छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी की बड़ी उपलब्धि: एक ही दिन में तीन 132 केवी परियोजनाएं हुईं ऊर्जीकृत, बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत - vedantsamachar.in

छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी की बड़ी उपलब्धि: एक ही दिन में तीन 132 केवी परियोजनाएं हुईं ऊर्जीकृत, बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत

रायपुर, 16 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी (CSPTCL) ने राज्य के विद्युत पारेषण तंत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने एक ही दिन में तीन महत्वपूर्ण 132 केवी पारेषण परियोजनाओं का सफलतापूर्वक ऊर्जीकरण और चालूकरण कर प्रदेश की बिजली व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष सुबोध सिंह ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे राज्य के विद्युत ढांचे के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

पहली परियोजना के तहत निर्माणाधीन 220/132/33 केवी उपकेंद्र अहिवारा में 132 केवी भिलाई–बेरला परिपथ के एलआईएलओ कार्य को पूरा कर लगभग 7.38 किलोमीटर (14.76 सर्किट किलोमीटर) लंबी लाइन को 15 जुलाई की शाम 6:53 बजे लूप मोड में ऊर्जीकृत किया गया।

दूसरी परियोजना के अंतर्गत 132/33 केवी उपकेंद्र अमलेश्वर में 132 केवी डोमा–पाटन परिपथ-2 के एलआईएलओ कार्य के तहत 132 केवी डोमा बे को शाम 6:44 बजे ऊर्जीकृत किया गया। साथ ही लगभग 9.68 किलोमीटर लंबी डोमा–अमलेश्वर और अमलेश्वर–पाटन पारेषण लाइनों को भी सफलतापूर्वक चालू किया गया।

तीसरी परियोजना के तहत 132/33 केवी उपकेंद्र रसमड़ा से एम/एस जेडी इस्पात को 132 केवी वोल्टेज स्तर पर बिजली आपूर्ति शुरू की गई। इसके लिए संबंधित लाइन-बे और करीब 1.60 किलोमीटर लंबी रसमड़ा–जेडी इस्पात पारेषण लाइन को शाम 7:11 बजे सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने कहा कि इन तीनों परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के विद्युत पारेषण तंत्र की क्षमता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे औद्योगिक इकाइयों सहित अन्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर योजना के साथ समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं का क्रियान्वयन कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कंपनी भविष्य में भी अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग के साथ राज्य के विद्युत पारेषण नेटवर्क को और मजबूत बनाते हुए उपभोक्ताओं को विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।