राजू तिवारी,कोरबा। एसईसीएल दीपका क्षेत्र के प्रगति नगर स्थित बी-टाइप आवासीय परिसर में चल रहे पेयजल सुविधा विस्तार कार्य को लेकर स्थानीय रहवासियों ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं। रहवासियों का आरोप है कि वर्षों से उपयोग में रही मजबूत कंक्रीट की पानी टंकियों को तोड़कर उनकी जगह कम क्षमता वाली सिंटेक्स टंकियां लगाई जा रही हैं। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने से लोगों की जान-माल को खतरा उत्पन्न हो गया है।
रहवासियों के अनुसार छतों पर पहले से निर्मित कंक्रीट की टंकियां मजबूत एवं अधिक जल भंडारण क्षमता वाली थीं। इसके बावजूद उन्हें हटाकर नई सिंटेक्स टंकियां स्थापित की जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उपयोग में लाई जा रही टंकियों एवं पाइपों की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने पूरे कार्य और निर्माण सामग्री की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि तीन मंजिला भवनों की छत से भारी कंक्रीट का मलबा हटाने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरणों और मशीनों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि नियमानुसार मलबा नीचे उतारने के लिए लिफ्ट या अन्य सुरक्षित व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन ठेकेदार द्वारा अस्थायी टीन की नालीनुमा संरचना बनाकर सीधे मलबा नीचे गिराया जा रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
रहवासियों का दावा है कि मलबा गिरने से परिसर में कई मकानों के हिस्से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कुछ दोपहिया वाहन भी टूट-फूट का शिकार हुए हैं तथा मलबे की चपेट में आने से कुछ लोगों को चोटें भी आई हैं। इस स्थिति से पूरे परिसर में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
प्रगति नगर के रहवासियों ने एसईसीएल प्रबंधन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, निर्माण सामग्री की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए तथा यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

