विधानसभा परिसर में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डॉ. रमन सिंह ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा - vedantsamachar.in

विधानसभा परिसर में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डॉ. रमन सिंह ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा

रायपुर, 14 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान मंगलवार को विधानसभा परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप सहित सभी विधायकों ने अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने अभियान के लिए बनाए गए विशेष सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीरें भी खिंचवाईं और प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान आज पूरे देश में जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि यह केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी मां के प्रति कृतज्ञता, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी मां के नाम पर पौधा लगाता है तो उस पौधे के साथ उसका भावनात्मक रिश्ता भी जुड़ जाता है। यही भावना लोगों को पौधे के संरक्षण के लिए प्रेरित करती है और अभियान को स्थायी तथा जनभागीदारी आधारित बनाती है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर में सभी विधायकों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाए जाने को प्रेरणादायी पहल बताते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर से दिया गया संदेश पूरे प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई जागरूकता पैदा करेगा। उन्होंने इस आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, अनियमित वर्षा, बढ़ते तापमान और जैव विविधता के क्षरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में वृक्षारोपण केवल पर्यावरणीय गतिविधि नहीं, बल्कि मानव जीवन, प्राकृतिक संसाधनों और भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के पर्यावरणीय संतुलन के आधार हैं। ये शुद्ध वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल परिवार के सदस्य की तरह करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में वन संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और जनभागीदारी आधारित पर्यावरणीय अभियानों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान प्रदेश के गांव-गांव, शहर-शहर और हर परिवार तक पहुंचेगा तथा प्रकृति संरक्षण को सामाजिक दायित्व और जनआंदोलन का स्वरूप देगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ हरित विकास का उत्कृष्ट मॉडल बन सकता है।

कार्यक्रम में विधानसभा के सभी सदस्यों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण पाण्डेय सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।