रायगढ़ 14 जुलाई (वेदांत समाचार)। रायगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। चक्रधरनगर थाना पुलिस ने करीब 9 लाख रुपये कीमत की 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद करते हुए 5 शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का नेटवर्क रायगढ़, कोरबा, सक्ती और ओडिशा के कई इलाकों तक फैला हुआ था। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगठित अपराध से संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं।
पुलिस के अनुसार, संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को वाहन चोरी के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी दौरान 11 जुलाई 2026 को कमला नेहरू गार्डन के सामने से चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल की जांच के दौरान चक्रधरनगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक मेडिकल कॉलेज रोड पर चोरी की बाइक बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान अनिल मिश्रा और अमृत बहादुर के रूप में हुई। दोनों ने अपने साथियों बोलो निषाद, चंद्रकुमार तिवारी और चंदन राय के साथ मिलकर बाइक चोरी और बिक्री का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रायगढ़, कोरबा, सक्ती जिले के डभरा और मालखरौदा क्षेत्र सहित ओडिशा के बरगढ़ एवं सीमावर्ती इलाकों से सुनियोजित तरीके से मोटरसाइकिल चोरी करते थे। चोरी के बाद बाइक को अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था और बाद में ग्राहकों को बेच दिया जाता था।
आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने अनिल मिश्रा से 10, अमृत बहादुर से 2, बोलो निषाद से 5 और चंद्रकुमार तिवारी से 4 मोटरसाइकिलें बरामद कीं। कुल 21 चोरी की बाइक जब्त की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है।
इस पूरे मामले की शुरुआत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पेंड्रावन निवासी घनाउ खरे की शिकायत से हुई थी। उन्होंने बताया था कि 27 दिसंबर 2025 को वह रायगढ़ आए थे और कमला नेहरू पार्क के सामने अपनी हीरो स्प्लेंडर बाइक खड़ी कर पार्क के अंदर चले गए। करीब आधे घंटे बाद लौटने पर बाइक गायब मिली। शिकायत के आधार पर थाना चक्रधरनगर में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी संगठित गिरोह बनाकर लगातार वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। इसके चलते पुलिस ने मामले में संगठित अपराध से संबंधित धाराएं भी जोड़ दीं।
गिरफ्तार आरोपियों में अनिल मिश्रा (38 वर्ष), बोलो निषाद (38 वर्ष), अमृत बहादुर (37 वर्ष), चंद्रकुमार तिवारी (37 वर्ष) और चंदन राय (24 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पूछताछ में दो अन्य साथियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अनिल मिश्रा और चंदन राय का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है। चंदन राय वर्ष 2015 से वाहन चोरी के मामलों में संलिप्त रहा है, जबकि अनिल मिश्रा के खिलाफ भी बाइक चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहले रेकी करते थे और कमला नेहरू पार्क जैसे स्थानों को निशाना बनाते थे। गिरोह मुख्य रूप से हीरो स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स जैसी मोटरसाइकिलों को लॉक तोड़कर चोरी करता था और बाद में उन्हें दूसरे जिलों व राज्यों में बेच देता था। आरोपियों ने रायगढ़ शहर के कोतवाली क्षेत्र से दो और छाल क्षेत्र से एक बाइक चोरी करना भी स्वीकार किया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक राकेश मिश्रा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक सिद्धांत येरेवार, सहायक उप निरीक्षक आशिक रात्रे सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस संगठित वाहन चोर गिरोहों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। चोरी की संपत्ति बरामद कर अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

