कोरबा, 14 जुलाई (वेदांत समाचार)। कैबिनेट सचिवालय के अंतर्गत कार्यरत प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (PMG) की एक उच्चस्तरीय टीम ने मंगलवार को एसईसीएल (SECL) की कुसमुंडा परियोजना का दौरा कर भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। टीम ने परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास कार्यों का स्थल निरीक्षण करते हुए अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने और पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
पीएमजी के प्रतिनिधिमंडल में लीड–पॉलिसी एवं पीएमओ एंगेजमेंट्स आनंद शर्मा, आकृति लाल और अंजलि गुप्ता शामिल थीं। इस दौरान कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, कटघोरा एसडीएम सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
कुसमुंडा पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत कुसमुंडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सचिन टी. पाटिल ने किया। इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण की वर्तमान स्थिति, भूमि का कब्जा, मुआवजा वितरण, पात्र भू-स्वामियों एवं काश्तकारों को दिए गए लाभ तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन कार्यों की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

बैठक के दौरान परियोजना के विस्तार से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा, पुनर्वास सुविधाएं तथा अन्य लाभ उपलब्ध कराए जा रहे हैं और प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के प्रयास जारी हैं।
समीक्षा बैठक के बाद पीएमजी टीम ने खमरिया पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) स्थल का निरीक्षण किया, जहां पाली और खोड़री गांवों से विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए आवासीय एवं आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान टीम ने सड़क, पेयजल, बिजली, सामुदायिक सुविधाओं सहित अन्य निर्माण कार्यों का जायजा लिया और शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास बिना किसी बाधा के सुनिश्चित किया जा सके।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने 14 नंबर डंप आर एंड आर साइट का भी निरीक्षण किया, जिसे जटराज गांव के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए विकसित किया जा रहा है। यहां टीम ने पुनर्वास कार्यों की प्रगति का आकलन करने के साथ पौधरोपण अभियान में भी भाग लिया। अधिकारियों ने विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व देने पर जोर दिया और हरित विकास की दिशा में ऐसे प्रयासों को आवश्यक बताया।

इस अवसर पर एसईसीएल के महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट एवं प्लानिंग) रितेश सोबती सहित कुसमुंडा क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पीएमजी टीम को परियोजना विस्तार, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास योजनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी।
कुसमुंडा परियोजना एसईसीएल की महत्वपूर्ण कोयला परियोजनाओं में शामिल है। इसके विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज गति से संचालित की जा रही है। पीएमजी टीम के इस दौरे को परियोजना से जुड़े कार्यों की प्रगति की निगरानी तथा पुनर्वास प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

