कोरबा, 12 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (सीएसईबी) की कोरबा स्थित ब्लॉक क्रमांक-14 कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। रहवासियों का आरोप है कि पिछले छह महीने से लगातार शिकायतें और पत्राचार करने के बावजूद विभाग ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया। सबसे गंभीर समस्या पिछले तीन महीनों से केवल 15 मिनट की जलापूर्ति और नलों से गंदे एवं दूषित पानी की आपूर्ति की बताई जा रही है। इससे कॉलोनी में रहने वाले परिवारों को पेयजल संकट के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
रविवार 12 जुलाई को कॉलोनीवासियों ने एक बार फिर सहायक अभियंता, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल को लिखित शिकायत सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि इस बार भी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे विभाग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई छेड़ेंगे और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
रहवासियों का कहना है कि करीब छह महीने पहले भी विभाग को लिखित आवेदन देकर स्वच्छ पेयजल, नियमित जलापूर्ति और कॉलोनी की मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग की गई थी। इसके बाद भी कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने न तो मौके पर प्रभावी कार्रवाई की और न ही किसी समस्या का स्थायी समाधान किया। लगातार अनदेखी से कर्मचारियों और उनके परिवारों में भारी नाराजगी है।
कर्मचारियों के अनुसार कॉलोनी में प्रतिदिन केवल लगभग 15 मिनट तक ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। इतना ही नहीं, नलों से आने वाला पानी गंदा और दूषित होने के कारण पीने योग्य तो दूर, घरेलू उपयोग के लिए भी उपयुक्त नहीं है। बरसात के मौसम में पानी की गुणवत्ता और अधिक खराब हो गई है। इससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। स्कूल खुलने के बाद सुबह बच्चों को तैयार करने, भोजन बनाने, कपड़े धोने और अन्य दैनिक कार्यों में भी लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
रहवासियों ने कॉलोनी की सफाई व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं और नियमित रूप से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नहीं किया जा रहा है। बरसात के कारण उगी झाड़ियों से सांप और बिच्छुओं का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं, कॉलोनी की कई स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय लोगों को अंधेरे और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सफाई शुल्क की मांग लगातार की जा रही है।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि स्थानीय पार्षद राकेश वर्मा ने भी उनकी समस्याओं को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा, कार्यालयों के चक्कर लगाए और व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर समस्याओं के समाधान की मांग की। बावजूद इसके न तो जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार हुआ और न ही सफाई तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बदली। इससे विभाग की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रहवासियों ने मांग की है कि कॉलोनी में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था बहाल हो, सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए, नियमित कचरा उठाव किया जाए, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कॉलोनी के सभी कर्मचारी और उनके परिवार एकजुट होकर उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी.

