रायगढ़, 12 जुलाई (वेदांत समाचार)। रायगढ़ पुलिस ने महिला से प्रताड़ना, कथित भारत विरोधी नारे सिखाने और राष्ट्रीय एकता के प्रतिकूल अभिकथन से जुड़े गंभीर मामले की जांच तेज कर दी है। इस मामले में आरोपी वसीम मोहम्मद को न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर जिला जेल से एक दिन की पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। पुलिस ने आरोपी से घटनास्थल पर पूछताछ की, स्थल निरीक्षण कराया और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे पुनः न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की जा रही है। विवेचना की निगरानी डीएसपी उन्नति ठाकुर कर रही हैं, जबकि जांच की जिम्मेदारी थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस को सौंपी गई है।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 29 मई 2026 को एक महिला ने महिला थाना रायगढ़ में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी वसीम मोहम्मद ने उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। साथ ही आरोप है कि उसने महिला के नाबालिग पुत्र को “पाकिस्तान जिंदाबाद” और “हिंदुस्तान मुर्दाबाद” जैसे भारत विरोधी नारे सिखाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
शिकायत के आधार पर महिला थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 52/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 85, 351, 152 और 197 के अलावा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस ने बताया कि आरोपी वसीम मोहम्मद (43 वर्ष), निवासी जोगीडीपा, रायगढ़, पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में जिला जेल रायगढ़ में न्यायिक अभिरक्षा में बंद है। उसे 25 मई 2026 को सिटी कोतवाली पुलिस ने लगभग 6 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया था।
महिला थाना में दर्ज मामले की जांच के दौरान आरोपी से पूछताछ आवश्यक होने पर पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया। इसके बाद आरोपी को एक दिन की पुलिस अभिरक्षा में लेकर घटनास्थल पर पूछताछ, स्थल निरीक्षण और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। पुलिस के अनुसार, रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी को पुनः न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
इस संबंध में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि राष्ट्र विरोधी मानसिकता फैलाने, महिलाओं के विरुद्ध अपराध तथा सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले मामलों में रायगढ़ पुलिस साक्ष्य आधारित कठोर वैधानिक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

