केन्द्र सरकार की सख्ती का असर: CISF का बड़ा एक्शन, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 428 टन अवैध कोयला जब्त - vedantsamachar.in

केन्द्र सरकार की सख्ती का असर: CISF का बड़ा एक्शन, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 428 टन अवैध कोयला जब्त

धनबाद, 10 जुलाई । केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अवैध कोयला खनन, चोरी और तस्करी के खिलाफ झारखंड एवं पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विशेष अभियान चलाते हुए 428.34 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया है। यह कार्रवाई 4 से 8 जुलाई 2026 के बीच विभिन्न कोयला क्षेत्रों में की गई।

अभियान के दौरान CISF ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के संवेदनशील क्षेत्रों में खुफिया सूचना, ड्रोन निगरानी और क्विक रिएक्शन टीम (QRT) की मदद से संयुक्त कार्रवाई की। इस दौरान चार एफआईआर दर्ज की गईं, एक हाईवा ट्रक, 13 से अधिक मोटरसाइकिलें तथा अवैध खनन में प्रयुक्त अन्य उपकरण भी जब्त किए गए।

धनबाद स्थित BCCL के कतरास, ब्लॉक-II, बसंतीमाता (कारगिल), कुस्टौर, सिजुआ, जेलगोरा, बरौरा, गोविंदपुर और NTST क्षेत्रों में छापेमारी के दौरान 319.54 मीट्रिक टन अवैध रूप से संग्रहित कोयला बरामद किया गया। कार्रवाई के दौरान एक कोयला लदा ट्रक और कई मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं तथा संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

ECL और CCL में भी कार्रवाई

ECL के शीतलपुर क्षेत्र के राजमहल, सालानपुर, चित्रा, चापापुर-II, सोनपुर-बाजारी और कुनुस्तोरिया क्षेत्रों से 85.93 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया। वहीं CCL पिपरवार में 13.62 मीट्रिक टन तथा CCL करगली क्षेत्र में 9.25 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया।

ड्रोन और इंटेलिजेंस के जरिए चला अभियान

CISF ने बताया कि अभियान के दौरान ड्रोन सर्विलांस, मानव खुफिया सूचना, परिवहन मार्गों की निगरानी, कोयला डिपो और वेटब्रिज निरीक्षण तथा परिवहन दस्तावेजों के सत्यापन का सहारा लिया गया। बल ने स्पष्ट किया कि कोयला मंत्रालय, Coal India और उसकी सहायक कंपनियों के साथ समन्वय कर अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।