पीएम सूर्यघर योजना के ऋण प्रकरणों का करें त्वरित निराकरण, पात्र किसानों को समय पर मिले केसीसी का लाभ – कलेक्टर जन्मेजय महोबे - vedantsamachar.in

पीएम सूर्यघर योजना के ऋण प्रकरणों का करें त्वरित निराकरण, पात्र किसानों को समय पर मिले केसीसी का लाभ – कलेक्टर जन्मेजय महोबे

जांजगीर-चांपा, 7 जुलाई (वेदांत समाचार)। जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सलाहकार एवं परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की त्रैमासिक बैठक लेकर विभिन्न हितग्राही एवं रोजगारमूलक योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों और बैंकर्स को निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों के ऋण प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करते हुए शत-प्रतिशत ऋण स्वीकृति और सहायता राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे, रिजर्व बैंक, लीड बैंक सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना बताते हुए कहा कि इस योजना से जुड़े किसी भी पात्र हितग्राही का ऋण प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कर समय पर ऋण स्वीकृत और वितरित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें। साथ ही उन्होंने बैंकवार स्वीकृत एवं लंबित ऋण प्रकरणों का विस्तृत विवरण तैयार करने और नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर महोबे ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और बैंकर्स से कहा कि दोनों सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक सखी के माध्यम से बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बैठक में बैंकवार जमा राशि, ऋण वितरण (एडवांस) और सीडी रेशियो की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि बैंक जमा राशि के अनुरूप ऋण वितरण बढ़ाएं तथा सीडी रेशियो में सुधार लाएं। उन्होंने सभी बैंकर्स को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की बैंकवार प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र किसानों के लंबित केसीसी आवेदनों का शीघ्र निराकरण किया जाए। साथ ही नए पात्र किसानों को भी केसीसी से जोड़कर समय पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता मिल सके।

उन्होंने विशेष केसीसी (पशुपालन) शिविरों की प्रगति की भी समीक्षा की और बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुपालकों एवं मत्स्यपालन से जुड़े किसानों के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करते हुए समय पर ऋण स्वीकृत और वितरित किया जाए।

बैठक में स्व-सहायता समूहों के लंबित ऋण प्रकरणों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण कर स्वीकृत ऋण का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा अधिक से अधिक स्व-सहायता समूहों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि शासन की सभी हितग्राहीमूलक योजनाओं का उद्देश्य पात्र नागरिकों तक समय पर आर्थिक सहायता पहुंचाना है। इसके लिए बैंक और संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी पात्र हितग्राही को योजनाओं का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी न हो।