महासमुंद, 30 जून (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मंगलवार को जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में बड़ी मात्रा में जब्त अवैध गांजे का नष्टीकरण किया। जिले के विभिन्न थानों में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के 33 मामलों में जब्त 9 क्विंटल 95 किलो 30 ग्राम (995.030 किलोग्राम) गांजा को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बालाजी प्लांट, बेलसोंडा (महासमुंद) में नष्ट किया गया। नष्ट किए गए गांजे की अनुमानित कीमत 5 करोड़ 34 लाख 73 हजार रुपये बताई गई है।
गांजा नष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में संपन्न हुई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक महासमुंद की अध्यक्षता में जिला आबकारी अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के नोडल अधिकारी तथा रक्षित निरीक्षक की उपस्थिति में पहले जब्त मादक पदार्थों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसके बाद नियमानुसार उनका नष्टीकरण किया गया।
पुलिस के अनुसार, जिन 33 मामलों के गांजे का नष्टीकरण किया गया, उनमें थाना सिंघोड़ा के 17, पटेवा के 2, कोमाखान के 2, बसना के 1, सांकरा के 3, बलौदा के 3, तुमगांव के 2 और बागबाहरा के 3 प्रकरण शामिल हैं। इनमें वर्ष 2025 के 7 मामले तथा 2026 के 26 मामले शामिल हैं।
महासमुंद पुलिस ने लगातार दूसरे दिन यह बड़ी कार्रवाई की है। इससे पहले 29 जून 2026 को भी 7 मामलों में जब्त 9 क्विंटल 98 किलो से अधिक गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ 12 लाख 5 हजार 500 रुपये थी, उसका भी नष्टीकरण किया गया था।
लगातार दो दिनों की कार्रवाई में महासमुंद पुलिस ने कुल 19 क्विंटल 93 किलो 10 ग्राम अवैध गांजा नष्ट किया है। इन मादक पदार्थों की कुल अनुमानित कीमत 10 करोड़ 46 लाख 78 हजार 500 रुपये आंकी गई है। पुलिस का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

