रायपुर, 30 जून (वेदांत समाचार)। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। पुलिस अब केवल मादक पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशा तस्करों के अवैध आर्थिक नेटवर्क को भी खत्म करने की दिशा में प्रभावी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में आदतन एनडीपीएस आरोपी मुकेश उर्फ “मुकेश बनिया” की करीब 42 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों पर बड़ा प्रहार किया गया है। SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Forfeiture of Property Act) के सक्षम प्राधिकारी, मुंबई ने आरोपी की संपत्तियों पर जारी फ्रीजिंग ऑर्डर को कन्फर्म कर दिया है।
रायपुर पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर “सूखे नशे के विरुद्ध अभियान” के तहत चल रही कार्रवाई के दौरान डीसीपी सेंट्रल जोन आईपीएस उमेश प्रसाद गुप्ता और एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल के मार्गदर्शन में थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के आर्थिक नेटवर्क की विस्तृत जांच की थी। जांच में सामने आया कि आरोपी और उससे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद एक आवासीय मकान और तीन वाहन कथित रूप से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदे गए हैं।
इसी आधार पर पुलिस ने NDPS Act की धारा 68-F(1) के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव SAFEMA के सक्षम प्राधिकारी को भेजा था। उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय जांच और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद सक्षम प्राधिकारी ने फ्रीजिंग ऑर्डर को मंजूरी दे दी। अब इन संपत्तियों को सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना बेचा, गिरवी रखा, हस्तांतरित या किसी अन्य तरीके से उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
पुलिस के अनुसार मुकेश उर्फ “मुकेश बनिया” रायपुर शहर में लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या, बलवा, मारपीट, गुंडागर्दी समेत 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 26 फरवरी 2026 को थाना सिटी कोतवाली और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में उसे गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान उसके कब्जे से करीब 6.119 किलोग्राम गांजा, एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 2400 अल्प्राजोलम की नशीली गोलियां और अन्य सामग्री बरामद की गई थी। इससे पहले पुलिस ने आरोपी द्वारा संचालित आधुनिक तकनीक से लैस गांजा हाइडआउट का भी खुलासा किया था।
आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उसके खिलाफ पहले ही PIT-NDPS Act, 1988 के तहत डिटेंशन ऑर्डर जारी कराया जा चुका है। इसके बाद पुलिस ने उसकी अवैध कमाई और संपत्तियों की वित्तीय जांच शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ी कार्रवाई सामने आई।
पुलिस ने बताया कि अब संबंधित पक्षों को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष यह साबित करना होगा कि उक्त संपत्तियां वैध आय से अर्जित की गई हैं। यदि वे संपत्तियों का वैध स्रोत साबित नहीं कर पाते हैं तो नियमानुसार उन्हें स्थायी रूप से सरकार के पक्ष में जब्त (Forfeiture) किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले में एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा के पर्यवेक्षण में दस्तावेजों का संकलन, राजस्व एवं परिवहन अभिलेखों की जांच, प्रस्ताव तैयार करने और SAFEMA के साथ समन्वय का कार्य निरीक्षक सतीश सिंह गहरवार ने किया। इसी प्रक्रिया के बाद सक्षम प्राधिकारी, मुंबई ने संपत्तियों पर फ्रीजिंग ऑर्डर को कन्फर्म किया।
रायपुर पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई करते हुए उनके आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।

