दुर्ग,30 जून (वेदांत समाचार)। दुर्ग जिले की छावनी थाना पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 23 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। आरोप है कि ये लोग साइबर ठगों को अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम के लेनदेन में मदद कर रहे थे। मामले में 15 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि 8 लोगों को नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। पुलिस जांच के दौरान बैंक खातों की जानकारी, तकनीकी इनपुट और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि कुछ लोग कमीशन के बदले अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे।
इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था, ताकि असली आरोपियों तक पुलिस आसानी से न पहुंच सके। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि साइबर ठगी से वसूली गई रकम सबसे पहले इन तथाकथित ‘म्यूल अकाउंट’ में जमा की जाती थी। इसके बाद रकम को अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया जाता था, जिससे पैसों की ट्रैकिंग करना मुश्किल हो जाता था। 29 जून को की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 23 लोगों से पूछताछ की। कई आरोपियों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल देशभर में हुई कितनी साइबर ठगी की वारदातों में किया गया और इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 11 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 3 चेकबुक, 3 आधार कार्ड तथा बैंकिंग से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। जब्त मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

