'मोर अंगना के शोर' का भव्य विमोचन, कोरबा की शिक्षिका नंदिनी राजपूत सम्मानित... - vedantsamachar.in

‘मोर अंगना के शोर’ का भव्य विमोचन, कोरबा की शिक्षिका नंदिनी राजपूत सम्मानित…

कोरबा/रायपुर,30 जून (वेदांत समाचार)। हमर चिन्हारी साहित्य समिति एवं साहित्य लेखन रिसोर्स शिक्षक परिवार, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में रायपुर के वृंदावन हॉल, सिविल लाइंस में साझा बाल काव्य संग्रह ‘मोर अंगना के शोर’ का भव्य विमोचन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में साहित्य, शिक्षा, संस्कृति तथा समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों और साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्र, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट अमित चिमनानी, भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ की प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. गीतादेवी तथा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित के. शारदा उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण साझा बाल काव्य संग्रह ‘मोर अंगना के शोर’ का लोकार्पण रहा। पुस्तक के संपादक एवं प्रधानपाठक विरेन्द्र कुमार साहू ने बताया कि संग्रह में हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा की 121 थीम आधारित बाल कविताएं शामिल हैं। नई शिक्षा नीति-2020, एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) तथा समावेशी शिक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की गई इस पुस्तक की प्रत्येक कविता के साथ क्यूआर कोड जोड़ा गया है, जिससे बच्चे, शिक्षक, पालक और विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थी डिजिटल माध्यम से कविताओं को सुन और समझ सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस अभिनव कृति का गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी नामांकन किया गया है।

मुख्य अतिथि केदार कश्यप ने कहा कि बाल साहित्य बच्चों के संस्कार निर्माण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने पुस्तक में डिजिटल तकनीक और समावेशी शिक्षा के समन्वय को शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।

समारोह की अध्यक्षता कर रहीं मीना रानी दुबे ने कहा कि हमर चिन्हारी साहित्य समिति प्रदेश के साहित्यकारों, शिक्षकों और नवोदित रचनाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने सभी सहयोगियों और रचनाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।

साझा बाल काव्य संग्रह में प्रदेश के विभिन्न जिलों के 50 शिक्षकों की सहभागिता रही। इनमें कोरबा जिले की शिक्षिका नंदिनी राजपूत और वसुंधरा कुर्रे को अतिथियों ने प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

पाली विकासखंड के प्राथमिक शाला नानपुलाली में पदस्थ नंदिनी राजपूत शिक्षा के क्षेत्र में अपने नवाचारी कार्यों के लिए राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से प्राप्त 5,000 रुपये की पुरस्कार राशि से उन्होंने विद्यालय के बच्चों के लिए स्केच पेन, क्रेयॉन्स, चॉकलेट तथा स्कूल के लिए दो कुर्सियां दान की थीं। वर्ष 2018 से वह अपने तथा अपने पुत्र आदेश सिंह राजपूत के जन्मदिन पर विद्यार्थियों को टाई, बेल्ट एवं विभिन्न स्टेशनरी सामग्री वितरित करती आ रही हैं।

नंदिनी राजपूत की इस उपलब्धि पर पाली विकासखंड शिक्षा अधिकारी कुंदेश गोभिल तथा विकासखंड स्रोत समन्वयक रामगोपाल जायसवाल ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।