जांजगीर-चांपा,30 जून(वेदांत समाचार)। सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने, नशामुक्ति का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने और सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) मुख्यमंत्री ड्यूटी पूरी करने के बाद रविवार रात करीब 10 बजे थाना मुलमुला क्षेत्र के ग्राम अमोरा पहुंचे। यहां आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में उन्होंने ग्रामीणों, महिला कमांडो टीम और बच्चों से सीधे संवाद कर नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण और सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान एसपी ने ग्राम अमोरा को पूर्णतः नशामुक्त गांव घोषित किया और इसे पूर्णतः हेलमेट युक्त गांव बनाने का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वयं नशा न करें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘एक हेलमेट पति के नाम’ अभियान के तहत महिला कमांडो टीम को हेलमेट वितरित किए गए। एसपी ने कहा कि परिवार की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग हर हाल में किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अधिकांश लोग अब हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाते हैं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं।
एसपी ने गांव की महिला कमांडो टीम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। गांव की महिलाएं रात के समय सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों के गले में रेडियम पट्टी बांधती हैं, जिससे वाहन चालकों को दूर से ही पशु दिखाई दे जाते हैं और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) उदयन बेहार ने इस पहल को पूरे जिले के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया।
इस अवसर पर एसपी ने ग्राम सरपंच सहित करीब 150 महिला कमांडो को नशामुक्ति अभियान, महिला सशक्तिकरण और अवैध शराब की रोकथाम में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं, अवैध शराब बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई, नशामुक्ति अभियान में सक्रिय भूमिका और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए थाना प्रभारी मुलमुला निरीक्षक पारस पटेल को महिला कमांडो टीम और ग्राम सरपंच ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां भी साझा कीं। उन्होंने बच्चों को अनुशासित जीवन जीने, मन लगाकर पढ़ाई करने, मोबाइल की लत से दूर रहने और खेलकूद में सक्रिय भागीदारी करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सुरक्षित और नशामुक्त समाज की जिम्मेदारी आज के बच्चों के कंधों पर है।
एसपी ने अपने संबोधन में कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग तभी सफल हो सकती है जब पुलिस और जनता मिलकर समाज की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि जब गांव के लोग स्वयं अपनी सुरक्षा और सामाजिक सुधार की जिम्मेदारी उठाते हैं, तब अपराध और दुर्घटनाओं में स्वतः कमी आती है। ग्राम अमोरा इसका उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है।
इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार, एसडीओपी अकलतरा प्रदीप कुमार सोरी, थाना प्रभारी मुलमुला निरीक्षक पारस पटेल, जनप्रतिनिधि, ग्राम सरपंच, महिला कमांडो टीम, बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं थाना मुलमुला का पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा।

