कोरबा, 24 जून 2026 (वेदांत समाचार)। भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में एक विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व में निकाले गए इस जुलूस में विधायक अनुज शर्मा, महापौर संजू देवी राजपूत सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए।
मौन जुलूस के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से मार्च कर लोकतंत्र की रक्षा और संविधान के सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि आपातकाल के दौरान देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर संकट आया था। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए, विपक्षी नेताओं को जेलों में बंद किया गया और प्रेस की स्वतंत्रता को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। नेताओं ने कहा कि यह घटना भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिससे वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को सीख लेने की आवश्यकता है।
मौन जुलूस में भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, विधायक अनुज शर्मा, महापौर संजू देवी राजपूत, भाजपा संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, जिला महामंत्री संजय शर्मा, वरिष्ठ पार्षद नरेंद्र देवांगन, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, पवन गर्ग सहित अनेक वरिष्ठ भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
भाजपा नेताओं ने कहा कि संविधान हत्या दिवस केवल आपातकाल की याद दिलाने का अवसर नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक स्वतंत्रता और संविधान की गरिमा की रक्षा का संकल्प लेने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए नागरिकों का जागरूक और सजग रहना आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, संविधान के सम्मान और नागरिक अधिकारों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भाजपा द्वारा आयोजित इस मौन जुलूस को लेकर शहर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा रही।

