भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे दो बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग मार्च 2027 तक होंगे तैयार, पीडब्ल्यूडी सचिव ने की प्रगति समीक्षा - vedantsamachar.in

भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे दो बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग मार्च 2027 तक होंगे तैयार, पीडब्ल्यूडी सचिव ने की प्रगति समीक्षा

रायपुर, 24 जून 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों को लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जानकारी दी गई कि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे और दुर्ग-आरंग बायपास मार्ग का निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण भी तेज गति से जारी है।

रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित बैठक में पीडब्ल्यूडी सचिव ने निर्माणाधीन सड़कों पर बारिश के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक एवं डायवर्टेड मार्ग बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान यातायात सुचारू बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में केशकाल घाटी बायपास परियोजना की भी समीक्षा की गई। सचिव मुकेश कुमार बंसल ने परियोजना में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क निर्माण के साथ-साथ प्रस्तावित दो बड़े पुलों का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू किया जाए ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत तैयार हो रहे रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे और दुर्ग-आरंग बायपास छत्तीसगढ़ की सड़क संपर्क व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से माल परिवहन, औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

पीडब्ल्यूडी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारतमाला परियोजना के तहत विकसित हो रहे इकोनॉमिक कॉरिडोर का अधिकतम लाभ राज्य को मिले, इसके लिए राज्य की प्रमुख सड़कों को इन राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने हेतु टू-लेन और फोर-लेन सड़कों के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के इन महत्वपूर्ण मार्गों के शुरू होने से राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी तथा व्यापार और उद्योग को भी बड़ा लाभ होगा।

बैठक के दौरान रायपुर शहर में प्रस्तावित महत्वपूर्ण फ्लाईओवर परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। सचिव ने एनएचएआई द्वारा तेलीबांधा चौक, उद्योग भवन चौक और सरोना चौक में प्रस्तावित फ्लाईओवरों की स्वीकृति प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण और वन-व्यपवर्तन से जुड़े लंबित मामलों की जानकारी समय पर उच्च कार्यालयों को भेजने के निर्देश दिए ताकि आवश्यक स्वीकृतियां जल्द प्राप्त हो सकें।

मुकेश कुमार बंसल ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने, मानक अनुरूप स्पीड ब्रेकर बनाने और सड़क सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक उपाय अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित फील्ड निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करने और समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा कराने को कहा।

बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी अभिजीत कुमार, एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी आलोक कुमार, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप, अधीक्षण अभियंता एस.एस. माझी सहित पांचों राष्ट्रीय राजमार्ग संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके बाद पीडब्ल्यूडी सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में लगे ठेकेदारों के साथ अलग से बैठक कर कार्यस्थलों पर आने वाली समस्याओं और चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने ठेकेदारों को अनुबंध के अनुसार कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने, गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय सीमा में परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं राज्य की प्रतिष्ठा से जुड़ी हैं और इनके निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।