बिलासपुर, 22 जून (वेदांत समाचार)। जिले के मस्तुरी थाना क्षेत्र में कोयला हेराफेरी के बड़े मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन और करीब 30 टन कोयला जब्त किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एसईसीएल की गेवरा खदान से उच्च गुणवत्ता वाला जी-11 ग्रेड कोयला लोड कर रास्ते में उसे उतारकर उसकी जगह मिलावटी और निम्न गुणवत्ता का कोयला प्लांट तक पहुंचाया, जिससे संबंधित कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
मस्तुरी पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता कप्तान सत्यनारायण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी कंपनी ने एसईसीएल कोरबा से 30 हजार टन कोयले का ऑर्डर लिया था। यह कोयला एसएम एंटरप्राइजेस के माध्यम से ट्रेलरों में भरकर राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड के प्लांट तक पहुंचाया जा रहा था।
17 जून 2026 की रात से सुबह के बीच प्लांट में पहुंचे कुछ ट्रेलरों के कोयले की गुणवत्ता की जांच की गई। जांच में तीन ट्रेलरों में लाया गया कोयला संदिग्ध और मिलावटी पाया गया। पूछताछ के दौरान ट्रेलर चालकों पर शक गहराया, लेकिन चालक मौके से फरार हो गए। इसके बाद कंपनी की शिकायत पर मस्तुरी थाना में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।
पुलिस विवेचना में सामने आया कि ट्रेलर चालक और वाहन मालिकों ने मिलकर गेवरा माइंस से लोड किए गए उच्च गुणवत्ता वाले जी-11 कोयले को रास्ते में बेलतरा टोल प्लाजा के पास स्थित एक कोल डिपो में उतार दिया था। इसके बाद ट्रेलरों में गिट्टी मिश्रित निम्न गुणवत्ता का कोयला भरकर राशि प्लांट में पहुंचाया गया।
जांच के दौरान गिरफ्तार चालक जयकांत यादव ने पूछताछ में खुलासा किया कि इस पूरी साजिश में ट्रेलर मालिकों, कोल डिपो संचालक आकाश सिंघल और अन्य सहयोगियों की भूमिका थी। जी-11 कोयले को कोल डिपो में उतारने के बाद उसकी बिक्री की जाती थी और बदले में प्राप्त रकम का आपस में बंटवारा किया जाता था।
पुलिस ने मामले में ट्रेलर मालिक सुनीत यादव और सूरज सिंह से भी पूछताछ की। दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने चालकों और अन्य साथियों के साथ मिलकर कोयले की हेराफेरी की थी। वहीं कोल डिपो संचालक आकाश सिंघल ने भी पूछताछ में अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि डिपो में रखे कोयले को रोलर मशीन से मिलाकर गुणवत्ता बदलने का काम किया जाता था।
मामले में पुलिस ने झारखंड निवासी चालक जयकांत यादव, बिलासपुर निवासी ट्रेलर मालिक सुनीत यादव, कोरबा निवासी ट्रेलर मालिक सूरज सिंह तथा बिलासपुर निवासी कोल डिपो संचालक आकाश सिंघल को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को 21 और 22 जून को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
मस्तुरी पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और कोयला हेराफेरी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

