गिर गया PhonePe-Google Pay का मार्केट शेयर, नए खिलाड़ी मार रहे बाजी! - vedantsamachar.in

गिर गया PhonePe-Google Pay का मार्केट शेयर, नए खिलाड़ी मार रहे बाजी!

जब भी UPI पेमेंट की बात आती है तो कुछ ही नाम हैं जो सबसे पहले जुबां पर आते हैं जैसे कि पेटीएम, PhonePe, Google Pay. नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के डेटा के अनुसार, मई 2026 में फोन पे और गूगल पे का कुल मिलाकर यूपीआई मार्केट शेयर 79 प्रतिशत था.

इन दो बड़ी कंपनियों का संयुक्त दबदबा 80 प्रतिशत से नीचे आ गया है. यह एक ऐतिहासिक बदलाव है, क्योंकि NPCI ने जब से ऐप स्पेसिफिक ट्रांजैक्शन डेटा जारी करना शुरू किया है, तब से ऐसा पहली बार हुआ है. हालांकि, एक UPI ऐप के लिए 30 प्रतिशत मार्केट कैप नियम लागू करने की समय-सीमा में अब केवल छह महीने बचे हैं. मार्केट शेयर में धीरे-धीरे हो रही कमी यह दिखाती है कि देश के पॉपुलर पेमेंट प्लेटफॉर्म पर टॉप दो प्लेयर्स की पकड़ ढीली हो रही है. इन दो प्लेयर्स का देश के सभी डिजिटल ट्रांज़ैक्शन में लगभग 86 प्रतिशत हिस्सा है.

NPCI की कामयाबी
NPCI बड़े और नए थर्ड-पार्टी ऐप प्रोवाइडर्स (TPAPs) या UPI ऐप्स के बीच बराबरी का माहौल बनाने पर ध्यान दे रहा है. इसके लिए कई उपाय किए जा रहे हैं, जैसे कि फीचर से जुड़े नियमों में ढील देना और छोटे ऐप्स के लिए खास या शुरुआती फीचर रोलआउट करना, ताकि टॉप प्लेयर्स के अलावा दूसरे ऐप्स की भी भागीदारी बढ़ सके.

NPCI के BHIM, सचिन बंसल के Navi, फ्लिपकार्ट ग्रुप के सुपर.मनी और व्हाट्सएप पे जैसे यूपीआई ऐप्स ने भी काफी प्रगति की है, जिससे एनपीसीआई को छोटे यूपीआई ऐप्स को मजबूत करने के विभिन्न प्रयासों को जीत मिली है. 2021 में PhonePe और Google Pay की बाजार हिस्सेदारी 80 प्रतिशत थी, लेकिन मई 2024 में उनकी हिस्सेदारी बढ़कर 86 प्रतिशत हो गई.यूपीआई हर महीने 23 अरब से ज्यादा ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 30 लाख करोड़ रुपए है और यह दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम इंटर-बैंक पेमेंट सिस्टम है.

बढ़ा रहा नए ऐप्स कामार्केट शेयर
पिछले दो सालों में BHIM और WhatsApp को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है. NPCI, BHIM में निवेश कर रहा है और इस ऐप का मार्केट शेयर दो सालों में पांच गुना बढ़कर 1 प्रतिशत हो गया है. Navi और super.money ने दो साल पहले ही काम शुरू किया था और दोनों ने मिलकर 5.5 प्रतिशत मार्केट शेयर हासिल कर लिया है.

टॉप तीन ऐप्स की बात करें तो फोन पे, गूगल पे और पेटीएम ने मिलकर जनवरी 2024 में सभी UPI ट्रांज़ैक्शन का 95.2 प्रतिशत हिस्सा प्रोसेस किया था, जो मई 2026 में घटकर 87 प्रतिशत रह गया है. हालांकि, इन बदलावों से सिस्टम से जुड़े जोखिमों में कोई खास कमी नहीं आई है और यह NPCI के उस लक्ष्य से अभी भी काफी दूर है जिसके तहत किसी एक UPI ऐप का मार्केट शेयर 30 प्रतिशत से कम करना है. 31 दिसंबर 2024 को NPCI ने मार्केट कैप नियम को दो और सालों के लिए बढ़ा दिया, शायद इसलिए क्योंकि इसकी पॉलिसी को लागू करने में चुनौतियां आ रही थीं.