चंदा जुटाकर ग्रामीणों ने बनाई सड़क, 25 साल से प्रशासन के पास लगा रहे थे गुहार... - vedantsamachar.in

चंदा जुटाकर ग्रामीणों ने बनाई सड़क, 25 साल से प्रशासन के पास लगा रहे थे गुहार…

मोहला ,11 जून (वेदांत समाचार )। कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो और इरादे नेक हों, तो इंसान अपनी राह खुद बना लेता है। कुछ ऐसा ही प्रेरक उदाहरण पेश किया है मोहला जिले के ग्राम दक्कोटोला के बाशिंदों ने। अंबागढ़ चौकी जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत खुर्सीटिकुल का आश्रित गांव दक्कोटोला ढाई दशक से एक अदद पक्की सड़क के लिए तरस रहा है। आखिरकार, जब बार-बार के सरकारी आश्वासनों और प्रशासनिक फाइलों की धूल से ग्रामीणों का भरोसा उठ गया, तो उन्होंने सिस्टम के आगे हाथ फैलाने के बजाय आत्मनिर्भरता की एक नई और गौरवशाली कहानी लिख डाली।

दक्कोटोला गांव तक पहुंचने वाली एकमात्र सड़क पिछले कई सालों से जर्जर हालत में है। हर साल जैसे ही मानसून दस्तक देता है, यह पूरी सड़क घुटने भर गहरे कीचड़ से भर जाती है। दलदल सिस्टम में बदल जाता है। गांव का संपर्क बाहरी दुनिया से कट जाता है। सबसे ज्यादा आफत स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग मरीजों पर आती है, जिन्हें कीचड़ के बीच से होकर ले जाना जान जोखिम में डालने जैसा होता है। सुशासन तिहार से लेकर कलेक्ट्रेट तक, ग्रामीणों ने पिछले 25 सालों में आवेदन का कोई ऐसा कोना नहीं छोड़ा जहां अपनी गुहार न लगाई हो। हर बार सर्वे हुआ, प्राक्कलन (एस्टीमेट) बना, लेकिन सड़क धरातल पर कभी नहीं उतरी।

आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए ग्रामीणों ने इस बार घर पर बैठने के बजाय कुछ अलग करने की ठानी। गांव की बैठक हुई और सबने तय किया कि अब नेताओं और अधिकारियों का मुंह नहीं ताकेंगे। ग्रामीणों ने आपस में अपनी गाढ़ी कमाई से चंदा एकत्र किया। इसके बाद घर-घर से युवा, बुजुर्ग और महिलाएं कुदाल, फावड़े और टोकरियां लेकर सड़क पर उतर आए। आज पूरा गांव मिलकर इस मार्ग की मरम्मत और गिट्टी-मिट्टी डालने के काम में जुटा हुआ है। अद्भुत जनभागीदारी को देखकर अब जिला प्रशासन की नींद भी टूटी है। कलेक्टर ने ग्रामीणों के इस जज्बे की सराहना की है और जल्द ही पक्की सड़क के निर्माण के लिए आवश्यक विभागीय कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। हालांकि, ग्रामीण अब भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। उनका कहना है कि वे सालों से सिर्फ आश्वासन ही सुनते आए हैं, इसलिए जब तक पक्की सड़क बन नहीं जाती, उनका यह सामूहिक प्रयास थमेगा नहीं।