मदकूद्वीप में श्रीमद्भागवत कथा के 23वें दिन हुआ भव्य नौका विहार मनोरथ, कृष्ण-भक्ति के रस में डूबे श्रद्धालु - vedantsamachar.in

मदकूद्वीप में श्रीमद्भागवत कथा के 23वें दिन हुआ भव्य नौका विहार मनोरथ, कृष्ण-भक्ति के रस में डूबे श्रद्धालु

मदकूद्वीप, 08 जून (वेदांत समाचार)। मदकूद्वीप की पावन धरा पर आयोजित मासिक श्रीमद्भागवत कथा यात्रा अपने 23वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। कथा के इस विशेष दिवस पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा स्थल पर साक्षात गोलोक धाम जैसा दिव्य वातावरण निर्मित हो गया, जहां श्रद्धालु कृष्ण-प्रेम के रस में सराबोर नजर आए।

राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रससिद्ध कथा वाचक परम पूज्य पंडित श्री कृष्णचन्द्र दुबे (पाराशर जी) ने अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का रसपान कराया। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति के महत्व और मानव जीवन में धर्म के स्थान का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उनके मधुर एवं ओजस्वी प्रवचन के साथ-साथ पद-गायन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण कर भाव-विभोर हो उठे। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तजन भजन-कीर्तन और जयघोष के साथ भक्ति रस में डूबे दिखाई दिए। कथा के प्रत्येक प्रसंग पर श्रद्धालुओं ने गहरी आस्था और श्रद्धा का परिचय दिया।

कथा के उपरांत मदकूद्वीप में अत्यंत भव्य और आकर्षक नौका विहार मनोरथ उत्सव का आयोजन किया गया। जलधारा की कल-कल ध्वनि और भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न हुए इस मनोरथ ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति कराई। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भगवान श्रीकृष्ण स्वयं अपने भक्तों के साथ यमुना तट पर नौका विहार कर रहे हों। संतों और भक्तों की उपस्थिति में यह आयोजन दिव्यता और भक्ति का अनुपम उदाहरण बन गया।

नौका विहार मनोरथ के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान की झांकी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्वितीय संगम देखने को मिला। भक्तों के जयघोष और भजनों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।

इस धार्मिक आयोजन का संचालन अनंत श्री विभूषित संत श्री रामरूपदास महात्यागी (रामाश्रय) के सान्निध्य में किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में आयोजित यह मासिक श्रीमद्भागवत कथा यात्रा क्षेत्र में धार्मिक जागरण, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

मदकूद्वीप में चल रही इस कथा यात्रा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। कथा के आगामी दिनों में भी अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार है।