रायपुर पुलिस ने शुरू किया ई-मालखाना 2.0, जब्त संपत्तियों का होगा बारकोड और डिजिटल रिकॉर्ड से प्रबंधन - vedantsamachar.in

रायपुर पुलिस ने शुरू किया ई-मालखाना 2.0, जब्त संपत्तियों का होगा बारकोड और डिजिटल रिकॉर्ड से प्रबंधन

रायपुर, 23 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए जब्त संपत्तियों के आधुनिक, पारदर्शी और सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गुरुवार को मध्य जोन के थाना देवेंद्र नगर में ई-मालखाना 2.0 का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले ने किया। इस नई व्यवस्था के लागू होने से मालखाने में रखी गई जब्त संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा और बारकोड स्कैनिंग के जरिए किसी भी संपत्ति की जानकारी कुछ ही सेकंड में प्राप्त की जा सकेगी।

उद्घाटन कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला, सहायक पुलिस आयुक्त रमाकांत साहू, थाना प्रभारी दीपेश सैनी सहित थाना देवेंद्र नगर का समस्त पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ई-मालखाना 2.0 के माध्यम से मालखाने में रखी गई प्रत्येक जब्त संपत्ति का संपूर्ण विवरण ऑनलाइन दर्ज किया गया है। हर जब्त सामान पर एक विशेष बारकोड लगाया गया है, जिसे स्कैन करते ही संबंधित संपत्ति की पूरी जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाएगी। इससे जब्त सामान की खोज, सत्यापन, रिकॉर्ड संधारण और न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में काफी सुविधा होगी।

पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के अनुसार यह व्यवस्था पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम पहल है। डिजिटल रिकॉर्ड के कारण जब्त संपत्तियों के रख-रखाव और निगरानी की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो जाएगी। साथ ही रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की त्रुटि या विलंब की संभावना भी कम होगी।

गौरतलब है कि इससे पहले थाना कोतवाली, गंज और मोदहापारा में भी ई-मालखाना प्रणाली का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया जा चुका है। अब पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के अन्य थाना क्षेत्रों में भी इस आधुनिक डिजिटल व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से भविष्य में सभी थानों में ई-मालखाना व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे जब्त संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी, रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और पुलिस की कार्यक्षमता के साथ-साथ न्यायालयीन प्रक्रियाओं में भी तेजी आएगी।