रायपुर, 8 जून 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ की औद्योगिक और शहरी विद्युत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने रायपुर जिले के धरसीवां स्थित कुथरेल 220/132 केवी सबस्टेशन की क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। 160 एमवीए क्षमता के नए पावर ट्रांसफॉर्मर के सफल ऊर्जीकरण के साथ अब इस उपकेंद्र की कुल क्षमता बढ़कर 480 एमवीए हो गई है। इसके साथ ही कुथरेल सबस्टेशन रायपुर का चौथा सबसे बड़ा 220 केवी विद्युत उपकेंद्र बन गया है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने सोमवार को कुथरेल उपकेंद्र में स्थापित नए 160 एमवीए पावर ट्रांसफॉर्मर का कंट्रोल पैनल के माध्यम से सफलतापूर्वक ऊर्जीकरण किया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद उपकेंद्र की विद्युत वहन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
विद्युत कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, रायपुर में पहले से उरला, सिलतरा और बोरझरा स्थित 220/132 केवी उपकेंद्र 480-480 एमवीए क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। अब कुथरेल उपकेंद्र भी इसी क्षमता के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे राजधानी क्षेत्र और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
कंपनी का कहना है कि इस क्षमता विस्तार से धरसीवां एवं आसपास के औद्योगिक, वाणिज्यिक और घरेलू उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय और निर्बाध बिजली उपलब्ध होगी। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में बढ़ते विद्युत भार को संतुलित करने और भविष्य की बिजली मांग को पूरा करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

ऊर्जीकरण कार्यक्रम के दौरान मुख्य अभियंता ई. अब्राहम वर्गीज, अतिरिक्त मुख्य अभियंता आर.के. तिवारी, कार्यपालन अभियंता (उपकेंद्र) जितेंद्र कुमार झा, कार्यपालन अभियंता (परीक्षण संभाग) कमंजय सिन्हा सहित विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि रायपुर और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिलने के साथ-साथ भविष्य में निवेश और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।

