कोरबा, 8 जून 2026 (वेदांत समाचार)। जिला प्रशासन कोरबा द्वारा राजीव गांधी ऑडिटोरियम, ट्रांसपोर्ट नगर में 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए जिला स्तरीय करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषय चयन, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार एवं स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी देकर उनके भविष्य निर्माण के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, ओएसडी तरुण कुमार किरण, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास और सही करियर मार्गदर्शन की महत्ता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री देवांगन ने करियर मार्गदर्शन से संबंधित एक संदर्शिका पुस्तक का विमोचन भी किया। इस पुस्तक में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, उनकी चयन प्रक्रिया तथा करियर के विभिन्न विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी गई है। यह पुस्तक जिले के सभी विद्यालयों के प्राचार्यों को उपलब्ध कराई गई है, ताकि विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को करियर संबंधी जानकारी दी जा सके।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में जिले के विभिन्न हाई स्कूलों से 10वीं कक्षा उत्तीर्ण लगभग 600 से अधिक विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक शामिल हुए। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को 11वीं कक्षा में विषय चयन के दौरान अपनी रुचि और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखने की सलाह दी। साथ ही विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की जानकारी भी साझा की।
द्वितीय सत्र में 12वीं कक्षा के 450 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। कलेक्टर ने विद्यार्थियों के बीच जाकर व्यक्तिगत संवाद भी किया और आश्वस्त किया कि आर्थिक अभाव के कारण कोरबा जिले का कोई भी विद्यार्थी अपनी पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने कॉमर्स, गणित, विज्ञान और अन्य विषयों से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों और अधिकारियों ने विस्तार से उत्तर दिया। नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने कहानी के माध्यम से कोरबा के विकास और मोबाइल फोन के सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला। जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने युवाओं को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी हेमंत जायसवाल ने सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल माध्यमों का बेहतर उपयोग करने की जानकारी दी। जिला चिकित्सालय के विशाल राजपूत ने चिकित्सा क्षेत्र में करियर की संभावनाओं और विभिन्न शाखाओं के बारे में बताया। जिला रोजगार अधिकारी दीपेश भारती ने रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी। सीपेट कोरबा के प्रबंधक (तकनीकी) राजीव लिल्हारे ने प्लास्टिक तकनीक एवं उद्योग से जुड़े करियर विकल्पों पर प्रकाश डाला।
कृषि विभाग के उप संचालक देवेंद्र कंवर ने कृषि विज्ञान, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, खाद उत्पादन और कृषि आधारित उद्यमों की संभावनाओं की जानकारी दी। शासकीय महाविद्यालय कटघोरा के एम.एम. जोशी ने कला संकाय की उपयोगिता बताते हुए कहा कि आर्ट्स के विद्यार्थियों के लिए भी करियर के असीम अवसर उपलब्ध हैं। वहीं व्याख्याता उपासना पाठक ने कंप्यूटर शिक्षा और डिजिटल कौशल के महत्व पर प्रकाश डाला। एनआईसी की डीआईओ तस्कीन ने एमएससी, एमसीए, एमटेक, सेट सहित विभिन्न उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों और आईटी क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के समापन पर जिला शिक्षा अधिकारी ताम्रेश्वर उपाध्याय ने सभी अतिथियों एवं विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में दोनों सत्रों को मिलाकर कुल 1047 विद्यार्थियों और लगभग 200 अभिभावकों ने भाग लिया।
विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता, विशेषज्ञों के उपयोगी मार्गदर्शन और प्रशासन की पहल के चलते यह जिला स्तरीय करियर काउंसलिंग कार्यक्रम विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सफल प्रयास साबित हुआ।

