कोरबा, 2 जून 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सुशासन तिहार के तहत सोमवार को कोरबा जिले के पाली विकासखंड स्थित ग्राम डोंगानाला में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव शामिल हुए।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को 159 करोड़ 63 लाख 14 हजार रुपये के 18 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 153 करोड़ 66 लाख 61 हजार रुपये की लागत से 8 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 5 करोड़ 96 लाख 53 हजार रुपये की लागत से 10 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। उन्होंने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए जनता को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक तुलेश्वर मरकाम, विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल, महापौर संजू देवी राजपूत, नगर पंचायत अध्यक्ष अजय जायसवाल, कलेक्टर कुणाल दुदावत, प्रभारी पुलिस अधीक्षक लखन पटले सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार प्रदेश के विकास को नई गति दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के साथ ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर किसानों को आर्थिक मजबूती दी गई।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और लखपति दीदी अभियान को नई ताकत मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि लोगों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही हो, ताकि उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार जनता तक पहुंच रही है और योजनाओं का फीडबैक भी ले रही है। उन्होंने बताया कि मुफ्त राशन, हर घर जल, शौचालय, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है। उन्होंने डीएमएफ राशि के बेहतर उपयोग के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में सड़क, पुल-पुलिया, भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में डीएमएफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

विधायक तुलेश्वर मरकाम ने कहा कि शिविरों के माध्यम से आम जनता को राहत मिल रही है। यहां अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर समस्याएं सुनते और उनका समाधान करते हैं। उन्होंने बताया कि पाली-तानाखार क्षेत्र में स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस भवन और पुल-पुलियों जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले में नियमित रूप से जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्राप्त आवेदनों का मौके पर निराकरण करने के साथ ही शेष मामलों में जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
शिविर के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणाएं भी कीं। इनमें मुनगाडीह और दमिया में नए स्कूल भवनों का निर्माण, दमिया में आंगनबाड़ी भवन, पाली के स्वामी आत्मानंद विद्यालय के लिए 3 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण, डोंगानाला पंचायत भवन के लिए 20 लाख रुपये, डोंगानाला नहर मरम्मत, चाकाबुड़ा के कोनार नाला पर नया पुल, कोराई नाला पर पुलिया निर्माण, डोंगानाला में सीसी रोड, गणेशपुर-बांका मार्ग पर पुलिया निर्माण, बक्साही में सीसी रोड तथा मांझीपारा प्राथमिक शाला में अहाता निर्माण जैसी घोषणाएं शामिल हैं।
शिविर में विभिन्न विभागों को कुल 1552 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 547 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। शेष आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मां गायत्री स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 10 लाख रुपये के ऋण स्वीकृति आदेश दिए गए। कृषि विभाग ने किसानों को पावर वीडर, पेट्रोल पंप और ढेंचा बीज वितरित किए। खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड, समाज कल्याण विभाग द्वारा ट्राइसाइकिल एवं सहायक उपकरण, राजस्व विभाग द्वारा डिजिटल किसान किताब, वन विभाग द्वारा वनाधिकार पट्टा तथा छात्रवृत्ति और मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य जाल एवं आइस बॉक्स प्रदान किए गए।
सुशासन तिहार के इस शिविर ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सरकार प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाकर समस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में काम कर रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और जनविश्वास दोनों को मजबूती मिल रही है।

