किसान क्रेडिट कार्ड योजना से कोरबा के 55 हजार से अधिक किसान लाभान्वित, खरीफ 2026 में 28.71 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण वितरण - vedantsamachar.in

किसान क्रेडिट कार्ड योजना से कोरबा के 55 हजार से अधिक किसान लाभान्वित, खरीफ 2026 में 28.71 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण वितरण

कोरबा, 02 जून 2026 (वेदांत समाचार)। किसानों को खेती-किसानी और कृषि आधारित गतिविधियों के लिए आसान एवं समय पर ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना कोरबा जिले में किसानों के लिए आर्थिक संबल साबित हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी नीतियों के तहत जिले में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे हजारों किसान बिना ब्याज के कृषि ऋण का लाभ उठा रहे हैं।

जिले में 60 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का मजबूत नेटवर्क कार्यरत है, जिसके माध्यम से 55 हजार 841 किसान क्रेडिट कार्ड धारक सीधे जुड़े हुए हैं। इन समितियों के जरिए किसानों को खरीफ और रबी सीजन के लिए उन्नत बीज, खाद तथा नगद ऋण समय पर उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष बात यह है कि पंजीकृत किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जा रहा है।

वर्ष 1998 में शुरू की गई किसान क्रेडिट कार्ड योजना का उद्देश्य किसानों को एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से कृषि ऋण उपलब्ध कराना है। योजना के तहत फसल उत्पादन, कटाई के बाद के खर्च, कृषि विपणन, पारिवारिक आवश्यकताओं, कृषि उपकरणों के रखरखाव तथा कृषि निवेश संबंधी जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

अब किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रह गया है। शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले में पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी क्षेत्र को भी इस योजना में शामिल किया गया है। डेयरी, बकरी पालन और कुक्कुट पालन से जुड़े पशुपालकों को कार्यशील पूंजी के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं मछली पालकों को तालाब, जाल, नाव और चारा जैसी आवश्यकताओं के लिए ऋण दिया जा रहा है। फल, सब्जी और मसाला उत्पादक उद्यानिकी किसानों को भी योजना का लाभ मिल रहा है।

किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण सीमा किसान की भूमि, फसल लागत और आवश्यकताओं के आधार पर निर्धारित की जाती है। पहले वर्ष में फसल लागत के साथ घरेलू जरूरतों और बीमा जैसी आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त राशि शामिल की जाती है। इसके बाद अगले वर्षों में लागत वृद्धि को ध्यान में रखते हुए ऋण सीमा में प्रतिवर्ष लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है। भूमि विकास, सिंचाई और कृषि उपकरणों के लिए अलग से टर्म लोन की सुविधा भी उपलब्ध है।

योजना का लाभ व्यक्तिगत किसान, संयुक्त उधारकर्ता, किरायेदार किसान, मौखिक पट्टेदार, फसल साझा करने वाले किसान, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) और संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) भी प्राप्त कर सकते हैं।

किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के इच्छुक पात्र किसान अपने नजदीकी बैंक शाखा अथवा सहकारी समिति में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।

कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने जिले के सभी पात्र कृषकों, पशुपालकों और मत्स्य पालकों से अपील की है कि वे अपने निकटतम बैंक या सहकारी समिति में संपर्क कर किसान क्रेडिट कार्ड अवश्य बनवाएं और शासन की शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।

खरीफ वर्ष 2026 में ऋण वितरण की प्रगति भी उत्साहजनक रही है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर के अनुसार कोरबा जिले में अब तक 5,312 पंजीकृत कृषक सदस्यों को कुल 28 करोड़ 71 लाख 57 हजार रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है। इसमें 28 करोड़ 63 लाख 91 हजार रुपए नगद ऋण तथा 7.66 लाख रुपए मूल्य की खाद सामग्री शामिल है। वहीं 354 नए किसानों को भी 2 करोड़ 13 लाख 61 हजार रुपए का ऋण स्वीकृत कर लाभान्वित किया गया है।

किसान क्रेडिट कार्ड योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिले में बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि किसान अब संस्थागत ऋण व्यवस्था पर भरोसा करते हुए आधुनिक कृषि और कृषि आधारित व्यवसायों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।