0.नई दिल्ली में मिला प्रतिष्ठित पुरस्कार, वित्त वर्ष 2026-27 में 50 मिलियन टन उत्पादन का आंकड़ा पार करने वाली कोल इंडिया की पहली अनुषंगी कंपनी बनी एसईसीएल
बिलासपुर, 17 जुलाई। पर्यावरण संरक्षण, सतत एवं हरित खनन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ‘ग्रीन ट्रांज़िशन लीडरशिप अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित द टाइम्स इंटरनेट इकोप्रेन्योर्स अवॉर्ड्स-2026 समारोह में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहान ने प्राप्त किया।
यह पुरस्कार पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा को बढ़ावा, वैज्ञानिक खान बंदी, भूमि पुनर्वास तथा पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन के क्षेत्र में एसईसीएल की उल्लेखनीय उपलब्धियों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता है। कंपनी ने सतत विकास और उत्तरदायी खनन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल की है।
इसी बीच एसईसीएल ने उत्पादन के मोर्चे पर भी बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 50 मिलियन टन कोयला उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही एसईसीएल, कोल इंडिया लिमिटेड की पहली अनुषंगी कंपनी बन गई है जिसने चालू वित्तीय वर्ष में यह उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.5 प्रतिशत उत्पादन वृद्धि दर्ज की है।

एसईसीएल की इस उपलब्धि में कोरबा की मेगा परियोजनाओं का अहम योगदान रहा। दीपका परियोजना ने 11.8 मिलियन टन, गेवरा परियोजना ने 11.7 मिलियन टन तथा कुसमुंडा परियोजना ने 9.7 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया। इसके अलावा सीआईसी कोलफील्ड्स से 8.8 मिलियन टन, रायगढ़ क्षेत्र से 5.9 मिलियन टन और कोरबा क्षेत्र से 2.1 मिलियन टन उत्पादन दर्ज किया गया।
इस अवसर पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहान ने कहा कि ‘ग्रीन ट्रांज़िशन लीडरशिप अवॉर्ड’ कंपनी की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और देश की ऊर्जा सुरक्षा, दोनों ही एसईसीएल की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। आधुनिक तकनीक, सुरक्षित एवं दक्ष खनन प्रणाली तथा पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के संतुलन के साथ कंपनी देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि एसईसीएल भविष्य में भी हरित एवं उत्तरदायी खनन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करते हुए पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा के बीच बेहतर संतुलन कायम रखेगी।

