KORBA SARPANCH BY-ELECTION 2026: सलिहाभांठा में भांजा बहू बनाम भतीजा, अनुभव और नई सोच के बीच रोचक मुकाबला - vedantsamachar.in

KORBA SARPANCH BY-ELECTION 2026: सलिहाभांठा में भांजा बहू बनाम भतीजा, अनुभव और नई सोच के बीच रोचक मुकाबला

कोरबा, 30 मई (वेदांत समाचार)। त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के तहत 1 जून को करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में सरपंच पद के लिए मतदान होगा। करीब एक वर्ष से रिक्त पड़े इस पद के लिए होने वाला चुनाव पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बार मुकाबला पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर के परिवार के दो सदस्यों के बीच होने जा रहा है, जिससे चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।

चुनाव मैदान में पूर्व सरपंच प्रभा देवी रामप्रसाद कंवर और विजय कंवर आमने-सामने हैं। प्रभा देवी जहां अनुभव और पूर्व कार्यकाल के आधार पर जनता से समर्थन मांग रही हैं, वहीं विजय कंवर पंचायत के सर्वांगीण विकास और नई सोच के साथ चुनावी मैदान में उतरे हैं।

पूर्व सांसद और पूर्व गृह मंत्री के गृह ग्राम की प्रतिष्ठा जुड़ी

ग्राम पंचायत सलिहाभांठा पूर्व सांसद स्वर्गीय डॉ. बंशीलाल महतो तथा पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर का गृह ग्राम है। पंचायत राजनीति में लंबे समय से कंवर परिवार का प्रभाव रहा है। वर्ष 2025 के पंचायत चुनाव से पहले प्रभा देवी कंवर सरपंच थीं, जबकि उससे पूर्व उनके पति रामप्रसाद कंवर ने पंचायत की कमान संभाली थी।

लगातार दो पंचवर्षीय कार्यकाल तक पंचायत का नेतृत्व इसी परिवार के पास रहा। इस दौरान कई विकास कार्य हुए, लेकिन कुछ मूलभूत आवश्यकताएं और विकास परियोजनाएं अधूरी भी रह गईं।

युवा सरपंच के निधन से रिक्त हुआ पद

पिछले पंचायत चुनाव में बदलाव की लहर के बीच युवा प्रत्याशी नवरंगलाल कंवर ने जीत दर्ज की थी। ग्रामीणों ने उनसे विकास की नई उम्मीदें लगाई थीं, लेकिन चुनाव जीतने के मात्र तीन महीने बाद उनका आकस्मिक निधन हो गया।

उनके निधन के बाद पंचायत के कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए सर्वसम्मति से रामप्रसाद कंवर को कार्यवाहक सरपंच की जिम्मेदारी सौंपी गई। तब से पंचायत का संचालन कार्यवाहक व्यवस्था के तहत किया जा रहा है।

भांजा बहू और भतीजे के बीच सीधी टक्कर

उपचुनाव में प्रभा देवी रामप्रसाद कंवर एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। उनका सीधा मुकाबला पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर के सगे भतीजे विजय कंवर से है। दोनों प्रत्याशी ग्रामीणों के बीच लगातार जनसंपर्क कर अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं।

चुनाव में एक ओर अनुभव और पूर्व कार्यकाल का भरोसा है, तो दूसरी ओर नई ऊर्जा और विकास के नए विजन का दावा।

मुख्य ग्राम सलिहाभांठा से पहली बार नहीं आया कोई प्रत्याशी

इस चुनाव की एक और खास बात यह है कि पंचायत के इतिहास में पहली बार मुख्य ग्राम सलिहाभांठा से कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं है। पंचायत के लगभग 60 प्रतिशत मतदाता मुख्य ग्राम में निवास करते हैं, लेकिन इस बार नेतृत्व की जिम्मेदारी आश्रित ग्राम बंधवाभांठा के उम्मीदवारों के हाथ में है।

ग्रामीणों को उम्मीद थी कि चुनाव निर्विरोध हो जाएगा, लेकिन बंधवाभांठा में सहमति नहीं बनने के कारण मतदान की स्थिति निर्मित हो गई।

1456 मतदाता करेंगे सरपंच का फैसला

ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में 1 जून को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा। पंचायत के दोनों गांवों में मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

चुनाव में कुल 1456 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 745 पुरुष और 711 महिला मतदाता शामिल हैं। चूंकि कुल मतदाताओं का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा मुख्य ग्राम सलिहाभांठा में है, इसलिए माना जा रहा है कि यहीं के मतदाता चुनाव परिणाम की दिशा तय करेंगे।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पंचायत की कमान फिर से अनुभवी नेतृत्व को मिलती है या फिर मतदाता नई सोच और नए चेहरे पर भरोसा जताते हैं।