बिलासपुर, 30 मई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों के बैंक खातों का संबंध देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज करोड़ों रुपये के साइबर अपराध मामलों से जुड़ा पाया गया है।
पुलिस के अनुसार, बिलासपुर के नर्मदा नगर कॉलोनी क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर अधिक लाभ कमाने का लालच दिया गया। आरोपियों ने विभिन्न माध्यमों से संपर्क कर महिला का विश्वास जीता और अलग-अलग तिथियों में कुल 17 लाख 21 हजार 100 रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब महिला को ठगी का एहसास हुआ तो उसने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल ट्रेल की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया, जिसके आधार पर चार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के समस्तीपुर निवासी एवं वर्तमान में रायपुर में रहने वाला मुकेश कुमार दास (29 वर्ष), रायगढ़ निवासी केशव साव, सक्ती निवासी संदीप कुमार चंद्रा उर्फ विक्की तथा सक्ती निवासी एवं वर्तमान में रायपुर में रह रहे शिशिर राठौर (35 वर्ष) शामिल हैं।
पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी संदीप कुमार चंद्रा के बैंक खाते के खिलाफ गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में पांच साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं। वहीं मुख्य आरोपी मुकेश कुमार दास के तीन अलग-अलग बैंक खातों की जांच में कुल 13 साइबर फ्रॉड शिकायतों का पता चला है।
जांच में सामने आया कि मुकेश के इंडसइंड बैंक खाते के खिलाफ तीन, एक्सिस बैंक खाते के खिलाफ छह और इंडियन ओवरसीज बैंक खाते के खिलाफ चार शिकायतें दर्ज हैं। इन मामलों से जुड़ी संदिग्ध राशि लगभग 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मुकेश के खातों में साइबर ठगी से संबंधित करीब 10 लाख रुपये प्राप्त हुए थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी केशव साव के एक्सिस बैंक खाते में लगभग 99 लाख रुपये और आरोपी शिशिर राठौर के बैंक खाते में लगभग 1 लाख रुपये होल्ड कराया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर कर उसे छिपाने का प्रयास कर रहे थे।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपियों के खातों के खिलाफ देश के कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और ऑनलाइन निवेश, शेयर ट्रेडिंग तथा अधिक रिटर्न का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों द्वारा निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को तेजी से निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले निवेश प्रस्ताव पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, नोडल अधिकारी गगन कुमार और थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा के मार्गदर्शन में की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी और नेटवर्क का खुलासा करने में साइबर थाना की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

