एक समय फोल्डेबल स्मार्टफोन को मोबाइल इंडस्ट्री का भविष्य माना जा रहा था, लेकिन अब इनकी मांग को लेकर सवाल उठने लगे हैं. नई तकनीक और अलग डिजाइन के बावजूद फोल्डेबल फोन आम ग्राहकों के बीच उम्मीद के मुताबिक लोकप्रिय नहीं हो पाए. ऊंची कीमत, स्क्रीन की मजबूती को लेकर चिंता और सीमित उपयोगिता जैसी वजहें इसके पीछे बड़ा कारण बनी हुई हैं. यहां हम आपको ऐसे 5 कारण बता रहे हैं जो फोल्डेबल को आम यूजर्स से दूर करता है.
शुरुआत में दिखा जबरदस्त उत्साह
जब फोल्डेबल स्मार्टफोन पहली बार बाजार में आए थे, तब इन्हें मोबाइल तकनीक में एक बडा बदलाव माना गया था. सैमसंग, हुआवे, ऑनर, ओप्पो और अन्य कंपनियों ने ऐसे फोन पेश किए जो सामान्य स्मार्टफोन और टैबलेट का अनुभव एक साथ देने का दावा करते थे. इन डिवाइसों का फोल्ड होने वाला डिजाइन लोगों को आकर्षित करता था और ऐसा माना जा रहा था कि आने वाले वर्षों में यही स्मार्टफोन बाजार की नई दिशा बनेंगे. हालांकि शुरुआती उत्साह के बावजूद इनकी बिक्री अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी. समय के साथ यह साफ होने लगा कि ग्राहकों का बडा वर्ग अभी भी पारंपरिक स्मार्टफोन को ज्यादा भरोसेमंद और उपयोगी मानता है.
महंगी कीमत बनी सबसे बडी बाधा
फोल्डेबल फोन की सबसे बड़ी चुनौती इसकी ऊंची कीमत है. जहां सामान्य प्रीमियम स्मार्टफोन अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध हैं, वहीं फोल्डेबल डिवाइस अक्सर डेढ लाख रुपये या उससे अधिक कीमत में आते हैं. आम ग्राहक के लिए इतनी रकम खर्च करना आसान नहीं होता. कई उपभोक्ता मानते हैं कि समान कीमत में उन्हें बेहतर कैमरा, बैटरी और प्रदर्शन वाले पारंपरिक फ्लैगशिप फोन मिल जाते हैं. ऐसे में केवल फोल्ड होने वाले डिजाइन के लिए अतिरिक्त पैसा खर्च करने की इच्छा कम दिखाई देती है. यही कारण है कि फोल्डेबल फोन अभी तक एक सीमित और प्रीमियम कैटेगरी के प्रोडक्ट बने हुए हैं.
ड्यूरेबिलिटी को लेकर ग्राहकों की चिंता
फोल्डेबल फोन में इस्तेमाल होने वाली मुड़ने वाली स्क्रीन और जटिल हिंज सिस्टम को लेकर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे हैं. हालांकि कंपनियों ने समय के साथ इनकी मजबूती में सुधार किया, लेकिन कई ग्राहक अब भी इन्हें सामान्य स्मार्टफोन जितना भरोसेमंद नहीं मानते. लोगों को डर रहता है कि बार-बार फोल्ड करने से स्क्रीन पर असर पड़ सकता है या लंबे समय में हिंज कमजोर हो सकता है. इसके अलावा फोल्डेबल को रिपेयर खर्च भी काफी ज्यादा होता है. यही वजह है कि कई उपभोक्ता नई तकनीक अपनाने के बजाय ऐसे स्मार्टफोन चुनते हैं जिनकी मजबूती और लंबी उम्र को लेकर पहले से भरोसा है.
इस्तेमाल का तरीका और जरूरत
फोल्डेबल फोन का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी बड़ी स्क्रीन होती है, लेकिन हर ग्राहक को इसकी जरूरत महसूस नहीं होती. अधिकांश लोग सोशल मीडिया, वीडियो देखने, मैसेजिंग और सामान्य कामों के लिए स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं. ऐसे में उन्हें अतिरिक्त स्क्रीन स्पेस का फायदा सीमित नजर आता है. कई लोग ऐसा मानते हैं कि फोल्डेबल फोन का अनुभव रोचक जरूर है, लेकिन यह उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पारंपरिक स्मार्टफोन की तुलना में बहुत ज्यादा बेहतर नहीं बनाता. इसी कारण बहुत से ग्राहक इसे एक आकर्षक तकनीक तो मानते हैं, लेकिन खरीदारी के समय इसे प्राथमिकता नहीं देते.
क्या फोल्डेबल फोन का भविष्य अभी भी सुरक्षित है?
फोल्डेबल फोन पूरी तरह फेल नहीं हुए हैं, लेकिन उन्हें मुख्यधारा के बाजार में जगह बनाने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना होगा. यदि कंपनियां कीमत कम करने, मजबूती बढ़ाने और बेहतर उपयोगिता देने में सफल होती हैं तो आने वाले वर्षों में इनकी मांग बढ़ सकती है. तकनीक लगातार विकसित हो रही है और नए डिजाइन ग्राहकों को आकर्षित कर सकते हैं. फिलहाल स्थिति यह है कि फोल्डेबल फोन एक खास वर्ग के ग्राहकों तक सीमित हैं. इनके भविष्य का फैसला काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां ग्राहकों की कीमत और भरोसे से जुडी चिंताओं को कितनी प्रभावी तरीके से दूर कर पाती हैं.

