कोरबा,30 मई (वेदांत समाचार)। भीषण गर्मी के बीच एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र की कई आवासीय कॉलोनियों में पेयजल संकट गहरा गया है। आदर्श नगर, नेहरू नगर और विकास नगर कॉलोनियों में पिछले तीन दिनों से नियमित जलापूर्ति बाधित रहने के कारण हजारों कर्मचारी परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों तक पानी नहीं पहुंचने से लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी जूझना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार कॉलोनियों में जलापूर्ति के लिए उपयोग की जा रही पुरानी पाइपलाइन काफी जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह लीकेज और पाइपलाइन फूटने की घटनाओं से पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। वहीं नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा होने के बावजूद तकनीकी खामियों के कारण उससे जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। यदि नई पाइपलाइन समय पर चालू हो जाती तो गर्मी के इस मौसम में लोगों को काफी राहत मिल सकती थी।
जल संकट को देखते हुए टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन बढ़ती मांग के सामने यह व्यवस्था पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। प्रभावित कॉलोनियों के निवासी नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
बताया जाता है कि कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति अहिरन नदी से की जाती है। गर्मी के कारण नदी का जलस्तर कम होने से भी जलापूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में दांयीं तट नहर से पानी लेने की योजना बनाई गई थी, लेकिन नई पाइपलाइन से सप्लाई शुरू नहीं होने के कारण इसका लाभ अभी तक नहीं मिल पाया है।
अखिल भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ (भारतीय मजदूर संघ) कोरबा-कुसमुंडा इकाई के महामंत्री रंजय सिंह ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर कर्मचारियों और उनके परिवारों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रबंधन से नई पाइपलाइन की तकनीकी खामियों को जल्द दूर कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। रंजय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो कर्मचारी हित में संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
गर्मी के इस दौर में बढ़ते जल संकट ने कॉलोनीवासियों की चिंता बढ़ा दी है और सभी की निगाहें अब प्रबंधन की ओर टिकी हैं कि कब तक जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो पाती है।

