बालको के युवा कलाकार फणींद्र दुबे ने राष्ट्रीय मंच पर बिखेरा तबले का जादू, “कला गौरव रत्न सम्मान” से हुए सम्मानित

कोरबा, 07 अप्रैल (वेदांत समाचर)। रायपुर के प्रतिष्ठित रंग मंदिर ऑडिटोरियम में 5 अप्रैल को आयोजित राष्ट्रीय स्तर के वृहद सांस्कृतिक कार्यक्रम में बालको नगर, कोरबा के होनहार बाल कलाकार फणींद्र दुबे ने अपने उत्कृष्ट तबला वादन से हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके प्रभावशाली प्रदर्शन पर उपस्थित दर्शक तालियां बजाने को मजबूर हो गए।

फणींद्र दुबे पिछले पांच वर्षों से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तबला वादक पंडित मोरध्वज वैष्णव ‘तालमणि’ से विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनकी मेहनत और साधना का परिणाम है कि वे देशभर की विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अब तक आठ बार प्रथम स्थान हासिल कर चुके हैं।

इस उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए उन्हें “कला गौरव रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया, जो कोरबा के संगीत जगत के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम का आयोजन रायपुर की प्रतिष्ठित नटरंग संस्था द्वारा किया गया, जो राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए जानी जाती है।

फणींद्र की इस उपलब्धि पर कोरबा के गुरुजनों एवं संगीत प्रेमियों ने उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। सभी ने आशा व्यक्त की है कि वे भविष्य में भी बालको और कोरबा का नाम इसी तरह रोशन करते रहेंगे।

फणींद्र दुबे के पिता लोचन प्रसाद दुबे भारत एल्यूमिनियम कंपनी (बालको) में कार्यरत हैं।