दिल्ली में चलती स्लीपर बस में महिला को खींचकर गैंगरेप, 2 घंटे तक करते रहे दरिंदगी; ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ्तार – vedantsamachar.in

दिल्ली में चलती स्लीपर बस में महिला को खींचकर गैंगरेप, 2 घंटे तक करते रहे दरिंदगी; ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ्तार

14 मई 2026 दिल्ली के रानी बाग इलाके में सोमवार देर रात इंसानियत को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। 30 वर्षीय एक महिला का कथित तौर पर अपहरण कर चलती स्लीपर बस में गैंगरेप हुआ है। जानकारी के अनुसार, घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्लीपर बस को जब्त कर लिया है और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमों को लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज, बस के रूट और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। समय पूछने के बहाने बस में खींचा
पुलिस के मुताबिक पीड़िता पीतमपुरा की झुग्गी बस्ती में रहती है और मंगोलपुरी स्थित एक फैक्टरी में काम करती है। बताया गया है कि सोमवार रात काम खत्म करने के बाद महिला पैदल अपने घर लौट रही थी। जब वह सरस्वती विहार के बी-ब्लॉक बस स्टैंड के पास पहुंची, तभी वहां एक स्लीपर बस आकर रुकी। पीड़िता ने बस के दरवाजे पर खड़े एक युवक से समय पूछा, लेकिन आरोप है कि युवक और उसके साथियों ने जवाब देने के बजाय महिला को जबरन बस के अंदर खींच लिया। इसके बाद चलती बस में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वारदात में इस्तेमाल बस को जब्त कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
पीड़िता के अनुसार, बस के अंदर खींचते ही आरोपियों ने दरवाजा बंद कर दिया और चालक को बस चलाने के लिए कहा। इसके बाद चलती स्लीपर बस में दो युवकों ने उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि यह घटनाक्रम नांगलोई मेट्रो स्टेशन तक करीब सात किलोमीटर के सफर के दौरान चलता रहा। आरोप है कि करीब दो घंटे तक उसके साथ यौन शोषण किया गया। महिला के मुताबिक, रात करीब दो बजे आरोपी उसे गंभीर हालत में सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि पीड़िता खून से लथपथ अवस्था में मिली, जिसके बाद उसे सहायता पहुंचाई गई और पुलिस को सूचना दी गई।
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मेडिकल परीक्षण में रेप की पुष्टि
गैंगरेप की वारदात के बाद पीड़िता ने तुरंत पुलिस को फोन कर मदद मांगी। शुरुआती कॉल नांगलोई पुलिस स्टेशन को मिली थी, लेकिन घटनास्थल रानी बाग थाना क्षेत्र में होने के कारण मामला वहां ट्रांसफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही Delhi Police की रानी बाग थाना पुलिस सक्रिय हो गई। एक महिला उप-निरीक्षक पीड़िता को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंची। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में कराया गया, जहां रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने की बात सामने आई है।

मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी, लेकिन पीड़िता ने भर्ती होने से इनकार कर दिया। पीड़िता ने बताया कि उसका पति टीबी से पीड़ित है और घर पर ही रहता है। परिवार की जिम्मेदारी पूरी तरह उसी के कंधों पर है। उसकी 8, 6 और 4 साल की तीन बेटियां हैं, जिनकी देखभाल करने वाला घर में कोई नहीं है। महिला ने डॉक्टरों और पुलिस को बताया कि यदि वह अस्पताल में भर्ती हो जाती, तो बच्चों को खाना कौन खिलाता। आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वह गंभीर चोटों और मानसिक आघात के बावजूद घर पर रहकर ही इलाज कराने को मजबूर है।
पुलिस ने बिहार रजिस्ट्रेशन नंबर वाली स्लीपर बस को कब्जे में ले लिया है, जिसका इस्तेमाल वारदात में किए जाने का आरोप है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बस मालिक से संपर्क कर चालक और दो मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच के तहत इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि बस के रूट, घटनाक्रम और आरोपियों की गतिविधियों की पुष्टि की जा सके। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और बस की आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड भी जुटा रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल स्लीपर बस के पूरे रूट को खंगाला जा रहा है, ताकि घटना के दौरान बस की आवाजाही और आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। जांच में यह भी सामने आया है कि बस में पर्दे लगे हुए थे, जिसकी वजह से बाहर से अंदर का दृश्य दिखाई नहीं देता था। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने इसी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। सबूत जुटाने के लिए पुलिस ने बस के अंदर फोरेंसिक जांच कराई है। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने बस से कई नमूने और अन्य संभावित साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और उसे जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।