NTPC लारा की ‘जीरो वेस्ट टू लैंडफिल’ पहल बनी मिसाल, हर साल 190 टन से अधिक कचरे का हो रहा पुनः उपयोग – vedantsamachar.in

NTPC लारा की ‘जीरो वेस्ट टू लैंडफिल’ पहल बनी मिसाल, हर साल 190 टन से अधिक कचरे का हो रहा पुनः उपयोग

कोरबा/रायगढ़, 08 मई (वेदांत समाचार)। बढ़ते कचरे और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच एनटीपीसी लारा की मैत्रीनगर टाउनशिप ने “जीरो वेस्ट टू लैंडफिल” मॉडल अपनाकर एक नई मिसाल पेश की है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित एनटीपीसी लारा द्वारा शुरू की गई यह पहल अब टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन का सफल मॉडल बनकर उभरी है, जिसमें कचरे को लैंडफिल में भेजने के बजाय उसका पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और खाद निर्माण किया जा रहा है।

एनटीपीसी की एकीकृत प्लास्टिक प्रबंधन नीति 2019 एवं “जीरो डेविएशन” दस्तावेज 2018 के तहत टाउनशिप में अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। लगभग 2150 आबादी और 666 घरों वाली मैत्रीनगर टाउनशिप में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले लगभग 0.535 टन कचरे का 100 प्रतिशत संग्रह किया जा रहा है।

टाउनशिप में घर-घर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण करने के लिए प्रेरित किया गया। वर्तमान में करीब 90 प्रतिशत आवासीय परिसर और सभी गैर-आवासीय परिसर कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था का पालन कर रहे हैं। एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा ई-वाहनों के माध्यम से घर-घर कचरा संग्रहण किया जा रहा है।

जैविक कचरे को स्थानीय स्तर पर खाद में परिवर्तित किया जा रहा है, जिसका उपयोग बागवानी कार्यों में किया जाता है। वहीं गैर-जैविक कचरे को अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं और सह-प्रसंस्करण इकाइयों को भेजा जा रहा है। इसके अलावा ई-वेस्ट संग्रह अभियान भी नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है।

एनटीपीसी लारा परिसर में किसी भी प्रकार का लैंडफिल या डंपिंग साइट नहीं है और कोई भी कचरा सीधे लैंडफिल में नहीं भेजा जाता। इस पहल के माध्यम से हर वर्ष 190 टन से अधिक कचरे को पुनः उपयोग की धारा में शामिल किया जा रहा है।

अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए एनटीपीसी लारा को APEX Foundation द्वारा पर्यावरण उत्कृष्टता के “डायमंड अवॉर्ड” से भी सम्मानित किया जा चुका है। यह मॉडल अब अन्य औद्योगिक संस्थानों और टाउनशिप के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।