महासमुंद 8 मई 2026। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और कोमाखान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस में छिपाकर ले जा रहे 77 किलो अवैध गांजा को जब्त किया है। मामले में महाराष्ट्र के 5 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गांजा परिवहन में प्रयुक्त एंबुलेंस, पायलेटिंग कार और 5 मोबाइल फोन समेत कुल 50 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, ओडिशा से महासमुंद की ओर एक एंबुलेंस वाहन क्रमांक एमएच 13 सीयू 0707 में गांजा तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टेमरी जांच नाका में घेराबंदी कर एंबुलेंस और उसके आगे चल रही पायलेटिंग कार क्रमांक एमएच 12 एनबी 5277 को रोका गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एंबुलेंस में गांजा होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, जिसमें करीब 77 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 68/2026 के तहत धारा 20(B)(II)(C) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
ओडिशा से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था गांजा
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी गांजा को ओडिशा के बालीगुडा क्षेत्र से लेकर महाराष्ट्र के सोलापुर में खपाने की तैयारी में थे। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए एंबुलेंस का इस्तेमाल किया था, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उनका प्लान विफल हो गया।
गिरफ्तार आरोपी
आकाश उर्फ अक्षय जाधव (27 वर्ष), निवासी खड़की, थाना तांबुलवाड़ी, जिला धाराशिव महाराष्ट्र
लिंबाजी जाधव (33 वर्ष), निवासी खड़की, थाना तांबुलवाड़ी, जिला धाराशिव महाराष्ट्र
धनंजय लोखंडे (25 वर्ष), निवासी संतोषनगर वाडे, थाना शोलापुर, जिला शोलापुर महाराष्ट्र
प्रथमेश पिंगले (20 वर्ष), निवासी संतोषनगर वाडे, थाना शोलापुर, जिला शोलापुर महाराष्ट्र
अजय काले (25 वर्ष), निवासी कुलजारपुर नाका, धाराशिव महाराष्ट्र
जब्त संपत्ति
77 किलो गांजा – कीमत लगभग 38.50 लाख रुपये
एंबुलेंस वाहन – कीमत लगभग 8 लाख रुपये
पायलेटिंग कार – कीमत लगभग 3 लाख रुपये
5 मोबाइल फोन – कीमत लगभग 95 हजार रुपये
कुल जब्त संपत्ति की कीमत करीब 50 लाख 45 हजार रुपये आंकी गई है।
चार महीने में 221 आरोपी गिरफ्तार, 6093.121 किलो गांजा जब्त
एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स के अनुसार पिछले चार महीनों में 84 प्रकरणों में कुल 6093.121 किलो गांजा जब्त किया गया है। इस दौरान 221 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, जिनमें 54 आरोपी छत्तीसगढ़ और 167 अन्य राज्यों के निवासी हैं। पुलिस अब मामले में फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन, सोर्स प्वाइंट और डेस्टिनेशन नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
