अमेरिका का होर्मुज से सुरक्षित जहाज निकालने का ऑपरेशन बंद, ट्रंप ने किया ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ रोकने का ऐलान – vedantsamachar.in

अमेरिका का होर्मुज से सुरक्षित जहाज निकालने का ऑपरेशन बंद, ट्रंप ने किया ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ रोकने का ऐलान

तेहरान/ वॉशिंगटन , 06मई । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार रात अचानक ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ रोकने का ऐलान किया। अमेरिका ने सोमवार सुबह होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए यह ऑपरेशन शुरू किया था।

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक ट्रम्प ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से यह ऑपरेशन रोकने की अपील की गई थी। ईरान के साथ समझौते को लेकर बात आगे बढ़ी है, इसलिए यह फैसला लिया गया है।

उधर ईरान के सरकारी मीडिया ने इसे अपनी जीत बताया। उनका कहना है कि ट्रम्प को पीछे हटना पड़ा क्योंकि वो इस रास्ते को खुलवाने में नाकाम रहे।

अमेरिका इस ऑपरेशन के तहत सोमवार को 2 और मंगलवार को सिर्फ 1 जहाज सुरक्षित निकाल पाया था। जबकि जंग से पहले हर दिन होर्मुज से औसतन 130 जहाज गुजरते थे।

ऑपरेशन शुरू करने के बाद ईरान के हमले शुरू

इससे कुछ ही घंटे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई पूरी कर ली है और अब सिर्फ ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ पर ध्यान है।

प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू होने के बाद ईरान नाराज हो गया था। उसने चेतावनी दी थी कि उसकी इजाजत के बिना कोई जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर सकता। इसके बाद ईरान ने होर्मुज में साऊथ कोरिया के एक जहाज पर हमला किया। साथ ही UAE में भी मिसाइल हमले किए।

चीन से गारंटी चाहता है ईरान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार चीन का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे पहले ही अपने चीनी समकक्ष वांग यी से कम से कम तीन बार फोन पर बात कर चुके हैं।

इस दौरे में दो बड़े मुद्दे सबसे अहम रहने वाले हैं। पहला, युद्धविराम को बनाए रखना और दूसरा, होर्मुज को फिर से खोलना। इन दोनों ही मुद्दों पर चीन पहले से ही खुलकर अपनी चिंता जाहिर करता रहा है।

होर्मुज को लेकर चीन का रुख थोड़ा संतुलित लेकिन सख्त है। एक तरफ उसने ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकेबंदी की आलोचना की है, तो दूसरी तरफ उसने इस जलमार्ग को बंद करने में ईरान की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

अब तेहरान की कोशिश होगी कि अगर वह इस जलमार्ग को दोबारा खोलने पर राजी होता है, तो बदले में चीन से उसे कितना समर्थन मिलेगा। खास तौर पर यह देखा जाएगा कि अगर ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की कोशिश होती है, तो क्या चीन संयुक्त राष्ट्र में उसका साथ देगा या नहीं।

ईरान ने UAE को दुश्मनों को मदद नहीं देने की चेतावनी दी
ईरान ने साफ कहा है कि अगर UAE की जमीन से अमेरिका या इजराइल ने ईरान के द्वीपों, बंदरगाहों या तटीय इलाकों पर हमला किया, तो उसका बहुत कड़ा जवाब दिया जाएगा।

IRGC के बड़े कमांड सेंटर खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने UAE को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपने देश को अमेरिका और इजराइल की सेना के इस्तेमाल के लिए बेस न बनने दे। उनका आरोप है कि ऐसा करना इस्लामी दुनिया के साथ ‘गद्दारी’ जैसा होगा।

होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी अहम घटनाएं
4 मार्च: ईरान ने हॉर्मुज पर कंट्रोल की घोषणा की और कहा कि यह रास्ता उसके दुश्मनों के लिए बंद हो चुका है।

8 अप्रैल: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर सहमति बनी, लेकिन ईरान ने होर्मुज को बंद ही रखा। उसने आरोप लगाया कि इजराइल अब भी लेबनान में हमले कर रहा है।

13 अप्रैल: पाकिस्तान में शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। इसके बाद अमेरिका ने भी होर्मुज के दूसरे तरफ नाकेबंदी शुरू कर दी।

2 मई: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू करने का ऐलान किया, जिसका मकसद होर्मुज में फंसे जहाजों को सुरक्षा देकर निकालना है।

4 मई: प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू। अमेरिकी नेवी ने होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित निकालना शुरू किया। नाराज ईरान ने जहाजों पर हमले किए।

5 मई: राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रोजेक्ट फ्रीडम बंद करने का ऐलान किया। अमेरिका 2 दिन में सिर्फ 3 जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर पाया।