राइस मिल और निस्तारी पानी से अहिरन पर संकट – vedantsamachar.in

राइस मिल और निस्तारी पानी से अहिरन पर संकट

क्या पर्यावरण विभाग इस मामले में देगा ध्यान
कोरबा 2 मई 2026 । वायु, जल और भूमि तत्वों हमेशा तेजोमय बनाए रखने की जरूर लगातार बताई जाती रही है। क्योंकि जनजीवन के लिए जल तत्व सबसे जरूरी है। इन सबके बावजूद कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र को संजीवनी देने वाली अहिरन काफी समय से संकट में है। आसपास की राइस मिलों से लेकर नगर के विभिन्न रिहायशी क्षेत्रों से उत्सर्जित पानी सीधे अहिरन को मुश्किल में डाल रहा है। मौजूदा चुनौतियों को लेकर पर्यावरण विभाग को संज्ञान लेना आवश्यक हो गया है।
करीब 70 हजार की आबादी वाले इस नगर में 15 वार्ड हैं, लेकिन बुनियादी सीवेज प्रबंधन की कमी अब एक बड़े पर्यावरणीय संकट में बदल चुकी है। नगर के विभिन्न वार्डों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे अहिरन नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का पानी पूरी तरह दूषित और जहरीला हो गया है।

इसका असर सिर्फ नदी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके किनारे बसे कई गांवों की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। कटघोरा से लगे ग्राम डुडगा सहित लगभग आधा दर्जन गांवों के किसान गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 5 वर्षों से नगर का सीवेज और राइस मिलों का अपशिष्ट सीधे नदी में मिलाया जा रहा है। प्रदूषित पानी के कारण खेतों की उत्पादकता पर बुरा असर पड़ा है। किसान बताते हैं कि फसलें कमजोर हो रही हैं और उत्पादन घटता जा रहा है। वहीं, इस पानी के संपर्क में आने वाले ग्रामीणों में खुजली, चर्म रोग और अन्य बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार इस समस्या की शिकायत की, लेकिन अब तक ना तो नगर पालिका और ना ही जिला प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हालांकि, नगर पालिका परिषद कटघोरा के अध्यक्ष का कहना है कि अब इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए पहल शुरू कर दी गई है। अहिरन नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए जल्द ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (स्ञ्जक्क) लगाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार से करीब 5 करोड़ रुपये की मंजूरी भी मिल चुकी है।