इंटरमिटेंट फास्टिंग में कौन से फूड्स खाने चाहिए?

आजकल इंटरमिटेंट फास्टिंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है. यह एक ऐसा तरीका है जिसमें खाने और फास्टिंग का समय तय किया जाता है. लोग इसे वजन घटाने, मेटाबॉलिज्म सुधारने और शरीर को डिटॉक्स करने के लिए अपनाते हैं. इसमें 16/8 या 14/10 जैसे पैटर्न फॉलो किए जाते हैं, जिसमें कुछ घंटों तक फास्ट रखा जाता है और बाकी समय में खाना खाया जाता है.

इंटरमिटेंट फास्टिंग शरीर को फैट बर्न करने में मदद करती है, ब्लड शुगर कंट्रोल करती है और पाचन तंत्र को आराम देती है. साथ ही, यह हॉर्मोन बैलेंस करने और एनर्जी बढ़ाने में भी सहायक मानी जाती है. सही तरीके से करने पर शरीर को इसके कई फायदे मिल सकते हैं. इसे संतुलित डाइट के साथ करना जरूरी होता है. ऐसे में जानते हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग में कौन से फूड्स खाने चाहिए.

इंटरमिटेंट फास्टिंग में कौन से फूड्स खाएं?
दिल्ली में जीटीबी हॉस्पिटल में पूर्व डायटीशियन डॉ. अनामिका गौर बताती हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान हेल्दी और न्यूट्रिशन से भरपूर फूड्स का सेवन करना बहुत जरूरी है. अपने खाने में प्रोटीन से भरपूर चीजें जैसे दाल, अंडा, पनीर और दही शामिल करें, जो शरीर को ताकत देती हैं. साथ ही, फाइबर युक्त फूड्स जैसे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज पाचन को बेहतर बनाते हैं और लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं.

हेल्दी फैट्स जैसे नट्स, बीज और घी का सीमित मात्रा में सेवन भी फायदेमंद होता है. पानी, नारियल पानी और नींबू पानी जैसे ड्रिंक्स शरीर को हाइड्रेट रखते हैं. कोशिश करें कि प्रोसेस्ड फूड्स की जगह ताजा और घर का बना खाना खाएं, ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिल सके और फास्टिंग का पूरा फायदा मिले.

इंटरमिटेंट फास्टिंग में किन चीजों के सेवन से परहेज करें?
इंटरमिटेंट फास्टिंग करते समय कुछ चीजों से दूरी बनाना जरूरी है. ज्यादा तली-भुनी और जंक फूड्स से बचें क्योंकि ये वजन बढ़ा सकते हैं और पाचन खराब कर सकते हैं. अधिक चीनी वाले फूड्स और मीठी पीने की चीजें ब्लड शुगर को अचानक बढ़ाते हैं, जिससे फास्टिंग का असर कम हो जाता है.

रिफाइंड कार्ब्स जैसे मैदा और सफेद ब्रेड का सेवन भी कम करना चाहिए. इसके अलावा, ज्यादा कैफीन और सॉफ्ट ड्रिंक्स भी शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं. कोशिश करें कि हल्का, संतुलित और पौष्टिक खाना ही खाएं.

ये भी जरूरी
इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान केवल क्या खाना है ही नहीं, बल्कि कैसे खाना है यह भी बेहद जरूरी है. खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं, ताकि पाचन सही रहे. ओवरईटिंग से बचें, क्योंकि इससे फायदे कम हो सकते हैं.

पर्याप्त नींद लेना और नियमित एक्सरसाइज करना भी जरूरी है. अपने शरीर के संकेतों को समझें और जरूरत पड़ने पर डाइट में बदलाव करें. अगर किसी तरह की कमजोरी या परेशानी महसूस हो, तो विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.