आज के समय में कार में एयर कंडीशनर (AC) एक बेहद जरूरी फीचर बन चुका है. खासकर गर्मी के मौसम में बिना AC के गाड़ी चलाना लगभग नामुमकिन हो जाता है. AC चलाने से पेट्रोल की खपत बढ़ जाती है, जिससे कार के माइलेज पर असर पड़ता है. यही कारण है कि कई लोग AC का इस्तेमाल करने से बचते हैं या कम करते हैं. अब सवाल ये है कि अगर कार के AC को लगातार 1 घंटे तक चलाया जाए तो कितना फ्यूल खर्च होगा.
अगर बात करें कि 1 घंटे में कितना पेट्रोल खर्च होता है तो इसका सीधा जवाब कार के टाइप और इंजन कैपेसिटी पर निर्भर करता है. छोटी कारें जैसे हैचबैक और सेडान कम फ्यूल खर्च करती हैं, क्योंकि इनमें आमतौर पर 1.2 से 1.5 लीटर का इंजन होता है. बड़ी SUVs में 2.0 लीटर या उससे ज्यादा का इंजन होता है. ये ज्यादा तेल पीती हैं. इसी वजह से बड़ी गाड़ियों में AC चलाने पर पेट्रोल की खपत भी ज्यादा होती है. इस तरह फ्यूल की खपत हर कार के लिए अलग-अलग होती है.
कितना तेल पीती हैं कार?
आमतौर पर देखा गया है कि 1.2 से 1.5 लीटर तक इंजन वाली हैचबैक या सेडान कारों में 1 घंटे AC चलाने पर लगभग 0.2 से 0.4 लीटर पेट्रोल खर्च हो जाता है. वहीं, 2.0 लीटर या उससे बड़े इंजन वाली SUV में यही खपत लगभग 0.5 से 0.7 लीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. हालांकि, यह आंकड़े पूरी तरह फिक्स नहीं होते और कई अन्य फैक्टर्स पर भी निर्भर करते हैं.
बेहतर कूलिंग के लिए करें ये उपाय
अगर चाहते हैं कार का AC बेहतर ढंग से काम करे तो रेगुलर सर्विस कराना बहुत जरूरी है, क्योंकि गंदे फिल्टर और कम गैस की वजह कूलिंग कम हो जाती है और इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है. हर 612 महीने में AC चेक करवाना फायदेमंद रहता है. दूसरी बात, गाड़ी स्टार्ट करते ही तुरंत AC फुल पर न चलाएं, पहले खिड़कियां खोलकर अंदर की गर्म हवा बाहर निकाल दें, फिर AC चालू करें. इससे कूलिंग जल्दी होती है और लोड कम पड़ता है.
ड्राइव करते समय रखें इन बातों का ध्यान
ड्राइव करते समय AC को हमेशा मॉडरेड मोड पर रखें. लगातार फुल स्पीड पर चलाने से पेट्रोल ज्यादा खर्च होता है. साथ ही, कार को छांव में पार्क करें या सनशेड का इस्तेमाल करें ताकि केबिन ज्यादा गर्म न हो. इसके अलावा सफर के दौरान बार-बार खिड़कियां या दरवाजे न खोलें. इससे कार बार-बार गर्म हो जाती है. इसके अलावा, रिसर्कुलेशन मोड का इस्तेमाल करें, जिससे बाहर की गर्म हवा अंदर नहीं आती और केबिन जल्दी ठंडा होता है.
