फल मंडियों में दाम धड़ाम: दुर्ग-भिलाई और रायपुर के किसानों को भारी नुकसान, 450 करोड़ से ज्यादा का घाटा

भिलाई, 04 अप्रैल (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग, भिलाई और रायपुर की फल मंडियों में इस बार फलों के दामों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। हालात ऐसे हैं कि किसानों को अपने उत्पाद पिछले साल की तुलना में आधे दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट ने फल उत्पादकों की कमर तोड़ दी है।

स्थानीय व्यापारियों और किसानों के अनुसार, इस साल बाजार में फलों की आवक ज्यादा है, जबकि मांग अपेक्षाकृत कम बनी हुई है। इसके अलावा सबसे बड़ा कारण निर्यात का ठप होना बताया जा रहा है, जिससे बाहरी बाजारों में खपत बंद हो गई है और पूरा दबाव स्थानीय मंडियों पर आ गया है।

निर्यात बंद होने का सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ा है। अनुमान है कि इस स्थिति के चलते छत्तीसगढ़ के फल उत्पादकों को 450 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई किसान लागत तक निकाल पाने में असमर्थ हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

फल व्यापारियों का कहना है कि आम, केला, पपीता और अन्य मौसमी फलों की कीमतों में तेज गिरावट आई है। जहां पिछले साल इन फलों को अच्छे दाम मिल रहे थे, वहीं इस बार बाजार में दाम औंधे मुंह गिर गए हैं। इससे न केवल किसानों बल्कि व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही निर्यात व्यवस्था बहाल नहीं हुई और बाजार में मांग नहीं बढ़ी, तो आने वाले समय में यह संकट और गहरा सकता है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें राहत पैकेज दिया जाए और फलों के निर्यात को फिर से शुरू करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।