रायपुर,25 अप्रैल (वेदांत समाचार)। प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। अब सीबीएसई से संबद्ध निजी स्कूलों में केवल एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों से ही पढ़ाई कराना अनिवार्य होगा। अभिभावकों और छात्रों पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें, वर्कबुक या विशेष दुकानों से सामग्री खरीदने का दबाव बनाने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मुख्य सचिव विकासशील ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर कहा है कि निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा को सुलभ और किफायती बनाना सरकार की प्राथमिकता है। जारी निर्देशों के मुताबिक सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूलों में एनसीईआरटी के निर्धारित पाठ्यक्रम और किताबें ही लागू होंगी। वहीं छत्तीसगढ़ बोर्ड से जुड़े निजी स्कूलों में कक्षा पहली से 10वीं तक एससीईआरटी की किताबों के अलावा अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कक्षा 1 से 8 तक शिक्षा के अधिकार कानून के तहत केवल एनसीईआरटी पुस्तकें ही लागू होंगी, ताकि पालकों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव न पड़े। वहीं 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को भी किसी विशेष दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म या स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। शासन ने जिलों में शिकायतों के निपटारे के लिए पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए हैं। किसी निजी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
