बिलासपुर,23 अप्रैल (वेदांत समाचार)। बिलासपुर रेंज में मादक पदार्थ से जुड़े मामलों की विवेचना को अधिक प्रभावी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग के निर्देशन में आयोजित हुई, जिसमें रेंज के विभिन्न जिलों के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक सारंगढ़ आंजनेय वार्ष्णेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) बिलासपुर पंकज पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन निमितेश सिंह और उप पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में पुलिस महानिरीक्षक गर्ग ने कहा कि NDPS मामलों की विवेचना के दौरान छोटी-छोटी प्रक्रियात्मक त्रुटियां भी अभियोजन पक्ष को कमजोर कर देती हैं, जिससे आरोपियों को न्यायालय से लाभ मिल जाता है। उन्होंने विवेचना को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
कार्यशाला में सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक अभियोजन (बिलासपुर संभाग) माखनलाल पाण्डेय ने NDPS एक्ट से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जप्ती और तलाशी के दौरान धारा 42, 50 और 57 का कड़ाई से पालन जरूरी है। साथ ही धारा 52 के तहत जब्त मादक पदार्थों का मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रमाणीकरण और फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।
उन्होंने वर्ष 2022 के नए नियमों के अनुसार सैंपलिंग प्रक्रिया अपनाने, विवेचना को केवल जप्ती तक सीमित न रखते हुए मादक पदार्थ के स्रोत से लेकर गंतव्य तक पूरी श्रृंखला की जांच करने तथा चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत करने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों और अभियोजन शाखा से परीक्षण कराने की आवश्यकता बताई।
कार्यशाला में दस्तावेजीकरण की शुद्धता, स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति, समय की सटीकता और डिजिटल साक्ष्यों के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा कीं और विशेषज्ञ द्वारा उनका समाधान किया गया।
इस ऑनलाइन कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों से करीब 100 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन उप पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा ने किया।
अंत में पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने प्रशिक्षक माखनलाल पाण्डेय को धन्यवाद देते हुए स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य NDPS मामलों में होने वाली तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों को दूर कर विवेचना की गुणवत्ता में सुधार लाना रहा।
