ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहल, उद्योगों को मिलेगा नई उड़ान... - vedantsamachar.in

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहल, उद्योगों को मिलेगा नई उड़ान…

रायपुर, 07 जुलाई (वेदांत समाचार)। औद्योगिक विकास और निवेश को नई गति देने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को कानूनी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाते हुए ऐसा निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार किया है, जिससे उद्योग स्थापित करना पहले की तुलना में अधिक आसान, पारदर्शी और समयबद्ध हो गया है। सरकार का लक्ष्य राज्य को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल करना है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम (OneClick) और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 जैसे महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। इन पहलों का उद्देश्य निवेशकों को अनावश्यक सरकारी प्रक्रियाओं से राहत देना और उद्योग स्थापना के लिए तेज़ एवं सरल व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

नई व्यवस्था के तहत उद्योगों को आवश्यक अनुमतियां और स्वीकृतियां डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। OneClick पोर्टल पर 10 विभागों की 132 से अधिक सेवाएं एवं अनुमतियां एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। भूमि आवंटन, विभिन्न विभागों की स्वीकृतियां, प्रोत्साहन योजनाओं के आवेदन और अनुपालन संबंधी प्रक्रियाएं अब ऑनलाइन पूरी की जा सकती हैं। इससे निवेशकों का समय और लागत दोनों में कमी आएगी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पारित ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 राज्य को इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाता है। इस कानून के तहत रिस्क-बेस्ड अप्रूवल सिस्टम, सेल्फ-सर्टिफिकेशन, डीम्ड अप्रूवल, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन तथा अनावश्यक निरीक्षणों और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं में कमी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। विशेष रूप से एमएसएमई इकाइयों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

राज्य सरकार का मानना है कि बेहतर कारोबारी माहौल से निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। हाल के महीनों में राज्य को टेक्सटाइल एवं अन्य क्षेत्रों में हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना है।

खनिज संपदा, ऊर्जा उत्पादन, उत्कृष्ट सड़क एवं रेल संपर्क तथा विकसित हो रहे औद्योगिक आधार के कारण छत्तीसगढ़ पहले से ही निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य रहा है। अब नई निवेशक-अनुकूल नीतियों और डिजिटल शासन व्यवस्था के कारण उद्योग जगत का विश्वास और मजबूत हुआ है। सरकार का उद्देश्य केवल बड़े उद्योगों को आकर्षित करना नहीं, बल्कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों को भी समान अवसर प्रदान करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के इन सुधारों से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश तेज़ होगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। पारदर्शी, तकनीक-आधारित और समयबद्ध प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी निवेश गंतव्य के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।