जांजगीर-चांपा, 05 अगस्त (वेदांत समाचार)। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कैरियर मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को भविष्य की संभावनाओं, विषय चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं और कौशल विकास को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर जन्मेजय महोबे शामिल हुए और छात्राओं को सफलता के लिए लक्ष्य तय कर योजनाबद्ध तरीके से मेहनत करने का संदेश दिया।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि मजबूत बुनियादी शिक्षा और सीखने की क्षमता विकसित होने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भाषा, गणित और अन्य मूलभूत विषयों में पकड़ मजबूत होगी तो किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि बेटियों के सशक्तिकरण के बिना समाज और राष्ट्र का विकास संभव नहीं है। कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को सही दिशा देना, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।
रुचि और क्षमता के अनुसार करें करियर का चयन
कलेक्टर ने छात्राओं से कहा कि वे अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विषय और करियर का चयन करें। उन्होंने कहा कि गणित, विज्ञान, कॉमर्स और कला सभी विषयों का अपना महत्व है। छात्राओं को अपनी क्षमता का आकलन कर आगे की पढ़ाई और करियर की दिशा तय करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सरकारी नौकरी के अलावा व्यवसाय, कानून (लॉ), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित कई नए क्षेत्रों में रोजगार और सफलता के बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।

शिक्षा के साथ कौशल विकास पर दिया जोर
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने छात्राओं को शिक्षा के साथ कम से कम एक कौशल विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कौशल विकास आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और बदलते दौर में यह सफलता के नए रास्ते खोलता है।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने लक्ष्य को लिखें और उसे हासिल करने के लिए नियमित प्रयास करें। उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में जिले की बालिकाओं का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है, इसलिए उन्हें अपने भविष्य को लेकर आत्मविश्वास रखना चाहिए।
विकासखंड स्तर पर भी आयोजित होंगे करियर कार्यक्रम
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे करियर मार्गदर्शन और काउंसलिंग कार्यक्रम केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि विकासखंड स्तर पर भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, ताकि जिले की अधिक से अधिक छात्राओं को इसका लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्राओं को विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल, मास्टर काउंसलर संदीप सिंह, सुश्री अंकिता तिवारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक सहित बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।

