रायपुर, 4 अगस्त 2026 (वेदांत समाचार)। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की यातायात पुलिस ने केवल ट्रैफिक व्यवस्था संभालने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पिछले एक माह के दौरान संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की लगातार जांच, तकनीकी सत्यापन और सतर्क पुलिसिंग के जरिए चोरी के 9 वाहनों की बरामदगी की गई। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने यातायात पुलिस के 22 अधिकारी एवं कर्मचारियों को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
सम्मान समारोह में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यातायात पुलिस अब केवल ट्रैफिक प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों तक पहुंचने और कानून व्यवस्था मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को भविष्य में भी इसी समर्पण, सतर्कता और ईमानदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने पूर्व में यातायात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वाहन चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट, मुड़ी हुई नंबर प्लेट, संदिग्ध अथवा लावारिस अवस्था में मिलने वाले वाहनों की गंभीरता से जांच की जाए। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर संबंधित थाना पुलिस से समन्वय स्थापित करते हुए तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इन निर्देशों का प्रभावी पालन करते हुए यातायात पुलिस ने लगातार चेकिंग अभियान चलाया और तकनीकी संसाधनों की मदद से कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं।
26 जुलाई 2026 को तेलीबांधा यातायात में पदस्थ प्रधान आरक्षक रामूराम महिलांगे और आरक्षक संजय जगत राम मंदिर वीआईपी चौक पर ड्यूटी के दौरान तीन सवारी लेकर जा रही एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका। वाहन की आगे की नंबर प्लेट के अंतिम चार अंक मुड़े हुए थे जबकि पीछे नंबर प्लेट नहीं लगी थी। चालक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। मोबाइल एप और तकनीकी जांच के माध्यम से पता चला कि वाहन पर लगी नंबर प्लेट किसी अन्य व्यक्ति की थी। चेचिस नंबर के आधार पर जांच करने पर वास्तविक वाहन स्वामी गरियाबंद निवासी रोहित कुमार यादव निकले, जिनकी मोटरसाइकिल फरवरी 2025 में चोरी हो गई थी और थाना फिंगेश्वर में मामला दर्ज था। इसके बाद आरोपी और वाहन को अग्रिम कार्रवाई के लिए थाना तेलीबांधा के सुपुर्द किया गया।
इसी प्रकार 31 जुलाई 2026 को पचपेड़ी नाका यातायात में पदस्थ आरक्षक संदीप साहू को डुमरतराई सब्जी मंडी के पास बिना नंबर प्लेट की एक लावारिस मोटरसाइकिल मिली। चेचिस नंबर के आधार पर मोबाइल एप से जांच करने पर वाहन का वास्तविक पंजीयन सामने आया। वाहन मालिक पुलक पुरी गोस्वामी ने बताया कि उनकी मोटरसाइकिल 27 जुलाई को चोरी हो गई थी, जिसकी रिपोर्ट थाना टिकरापारा में दर्ज है। पुष्टि के बाद वाहन संबंधित थाना पुलिस को सौंप दिया गया। इसी तरह अलग-अलग मामलों में कुल 9 चोरी के वाहनों की बरामदगी की गई।

यातायात पुलिस ने केवल वाहन चोरी के मामलों का खुलासा ही नहीं किया, बल्कि चौक-चौराहों पर ड्यूटी के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर भी लगातार निगरानी रखी। पिछले 15 दिनों में तीन अलग-अलग मामलों में चाकू और अन्य धारदार हथियार लेकर घूम रहे तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़कर संबंधित थाना पुलिस के हवाले किया गया। इन मामलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच यातायात पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया।
पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा ने कहा कि पुलिस कमिश्नर के निर्देशानुसार यातायात पुलिस आधुनिक तकनीक, मोबाइल एप और डिजिटल सत्यापन प्रणाली का उपयोग कर अपराधियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही है। तकनीकी संसाधनों, सतर्क पुलिसिंग और बेहतर टीम वर्क के कारण यातायात पुलिस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसका सीधा लाभ कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मिल रहा है।
सम्मान समारोह में पुलिस उपायुक्त डॉ. अर्चना झा, सहायक पुलिस आयुक्त यातायात रमेश येरेवार सहित यातायात पुलिस के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

