कोरबा, 04 अगस्त (वेदांत समाचार)। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की दीपका ओपन कास्ट परियोजना (Dipka OCP) ने उत्पादन, डिस्पैच और लाभ के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए देश की अग्रणी कोयला परियोजनाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। हाल ही में परियोजना को 40 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTPA) की पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने के बाद अब इसे चरणबद्ध तरीके से 60 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता तक विकसित करने की दिशा में कार्य तेज कर दिया गया है।
वर्ष 1992 में लगभग 10 लाख टन वार्षिक उत्पादन से शुरू हुई दीपका परियोजना वर्तमान में 37.5 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता तक पहुंच चुकी है। बीते वित्तीय वर्ष में परियोजना ने 375 लाख टन कोयला उत्पादन तथा 394.3 लाख टन डिस्पैच दर्ज कर नया रिकॉर्ड कायम किया। इसके साथ ही दीपका ओसीपी देश की सबसे अधिक उत्पादक और आधुनिक ओपन कास्ट कोयला परियोजनाओं में शामिल हो गई है।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी परियोजना का प्रदर्शन उत्साहजनक बना हुआ है। 25 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार परियोजना ने 126.6 लाख टन कोयला उत्पादन कर निर्धारित लक्ष्य का 104 प्रतिशत हासिल किया है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 30.5 प्रतिशत अधिक है। वहीं 138.7 लाख टन कोयला डिस्पैच कर लक्ष्य का 109 प्रतिशत पूरा किया गया है, जो उत्पादन और परिवहन व्यवस्था की बेहतर दक्षता को दर्शाता है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में दीपका ओसीपी ने 3,230.91 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया। प्रति टन लाभ बढ़कर 827 रुपये तक पहुंच गया, जो बेहतर लागत नियंत्रण, आधुनिक तकनीक और कुशल संचालन का परिणाम माना जा रहा है। परियोजना वर्तमान में SECL की सबसे अधिक लाभ अर्जित करने वाली इकाइयों में शामिल है।
परियोजना में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। 42 क्यूबिक मीटर क्षमता के इलेक्ट्रिक रोप शॉवेल, हाई कैपेसिटी सरफेस माइनर, इन-पिट बेल्ट कन्वेयर सिस्टम, एफएमसी एवं एमजीआर साइलो, ड्रोन आधारित खदान निगरानी तथा डिजिटल माइन मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए उत्पादन क्षमता और कार्य दक्षता में लगातार सुधार हो रहा है।
विस्तार योजना के तहत भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास कार्यों में भी तेजी लाई गई है। मालगांव क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण तथा हरदीबाजार क्षेत्र के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है। SECL द्वारा विकसित पुनर्वास कॉलोनी में सड़क, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी परियोजना विशेष ध्यान दे रही है। इसके तहत सतत वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (CAAQMS), धूल नियंत्रण के लिए वाटर स्प्रिंकलर, व्हील वॉशिंग सिस्टम, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग, प्लास्टिक अपशिष्ट पुनर्चक्रण तथा डिजिटल पर्यावरण निगरानी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
SECL प्रबंधन का मानना है कि पर्यावरणीय स्वीकृति, आधुनिक मशीनरी, मजबूत परिवहन नेटवर्क और उपलब्ध भूमि के आधार पर दीपका ओसीपी को आने वाले वर्षों में 60 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता वाली विश्वस्तरीय कोयला परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे न केवल कंपनी की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

