कोरबा, 31 जुलाई (वेदांत समाचार)। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रति आमजन और विशेषकर विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय कोरबा के सभागार में प्रदर्शनी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को नए कानूनों, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों तथा सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रमुख प्रावधानों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें नए कानूनों की विशेषताओं, अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के अधिकारों तथा पीड़ितों को मिलने वाली कानूनी सुविधाओं को सरल भाषा और चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया
साडा कन्या शाला सहित विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर नवीन कानूनों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में डीएसपी प्रतिभा मरकाम ने छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि नए आपराधिक कानूनों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इन कानूनों का उद्देश्य पीड़ितों को त्वरित न्याय, बेहतर कानूनी संरक्षण और प्रभावी न्याय प्रक्रिया उपलब्ध कराना है।
उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों और कानूनों की जानकारी रखें तथा किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना, उत्पीड़न या समस्या होने पर बिना झिझक पुलिस से संपर्क करें।
कार्यक्रम में छात्राओं को “गुड टच और बैड टच” विषय पर भी जागरूक किया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से जागरूकता वीडियो दिखाकर सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श की पहचान, गलत व्यवहार की स्थिति में माता-पिता, शिक्षकों या विश्वसनीय लोगों को जानकारी देने के साथ ही पुलिस सहायता लेने के संबंध में जानकारी दी गई।
इसके अलावा छात्राओं को साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और ऑनलाइन अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया। छात्राओं ने कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों से कानूनों और सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक जवाब दिया।
कार्यक्रम में रक्षित निरीक्षक अनथ राम पैकरा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कानूनों की जानकारी हासिल कर जागरूक नागरिक बनने और समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने में सहयोग करने की अपील की।

